मेरठ के मवाना क्षेत्र में गंगा किनारे खुलेआम चल रही पॉल्ट्री, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
मेरठ। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के दावों के बीच मवाना तहसील क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के अभियान के नाम पर गंगा ग्राम सभा की भूमि पर अवैध पॉल्ट्री फार्म संचालित किए जा रहे हैं, जिससे नदी का जल लगातार प्रदूषित हो रहा है।
श्री क्षत्रिय राजा अनंगपाल तोमर गौ-रक्षक सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम मिजापुर थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र में कुछ ठेकेदार गंगा किनारे खुलेआम पॉल्ट्री फार्म चला रहे हैं। इन फार्मों में मुर्गी-मुरगी के बीट और रासायनिक पदार्थों का प्रयोग खाद के रूप में किया जा रहा है, जो सीधे गंगा के जल को दूषित कर रहा है।
पत्र के अनुसार, गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों के लिए स्नान करना भी जोखिमभरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार विभागों की मिलीभगत से यह अवैध गतिविधियां चल रही हैं।
शिकायत में वन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि गंगा किनारे वृक्षारोपण के बजाय भूमि को ठेकेदारों को निजी लाभ के लिए सौंप दिया गया, जो भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही क्षेत्र में जंगली जानवरों और बेसहारा गोवंश की अवैध हत्या की आशंका भी जताई गई है।
सेवा समिति ने मांग की है कि गंगा ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो और नमामि गंगे अभियान को वास्तव में ज़मीन पर उतारा जाए ताकि मां गंगा की पवित्रता और स्वच्छता बनी रह सके।
