जीवात्मा परमात्मा का मिलन कराती है महारास लीला

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ई रेडियो इंडिया ब्यूरो

आचार्य मुकेश शर्मा ने ग्रीन पार्क स्थित शील वाटिका कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भक्तों बेहद प्रेरणादायक कथा सुनाई। कथा प्रारंभ करते हुए कथावाचक Acharya Mukesh Mishra ने भगवान की श्रेष्ठतम महारास लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रास आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा है। आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति का फल प्राप्त होता है तो उसे रास कहा जाता है।

कथा प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी भक्तों को खूब आनंदित किया। Acharya Mukesh Mishra ने कहा जो भक्त ईश्वर के प्रेम में आनंदित होते हैं और श्रीकृष्ण तथा रूक्मिणी के विवाह में शामिल होते हैं, उनकी समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।कथाव्यास ने कहा जब जीव में अभिमान आता है, भगवान उनसे दूर हो जाते है। लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है, उसे दर्शन देते है।

कृष्णा का विवाह किससे हुआ: Acharya Mukesh Mishra

भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मणि को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मणि स्वयं साक्षात लक्ष्मी है और वह नारायण से दूर रह ही नही सकती। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक नही तो फिर वह धन चोरी द्वारा, बीमारी द्वारा या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है।

धन को परमार्थ में लगाना चाहिए और जब कोई लक्ष्मी नारायण को पूजता है या उनकी सेवा करता है तो उन्हें भगवान की कृपा स्वत: ही प्राप्त हो जाती है। कथा में रुक्मणी और कन्हैया जी की दिव्य झांकी सजाई गई। बड़े उत्साह उमंग के साथ विवाह महोत्सव भक्तों ने मनाया।पंडित कौस्तुभ शास्त्री ने वेद मंत्रोच्चार के साथ व्यासपीठ का पूजन संपन्न कराया।

कथा के मुख्य यजमान विजय कुमार श्रीवास्तव, कुसुम श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, सोनिया श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, शालिनी श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव, सौम्या श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, विकास सक्सेना, अशोक शर्मा, जय नारायण गुप्ता, विक्रमादित्य चौबे, अंकित गंगवार, अंकित खंडेलवाल आदि रहे।