हरे परिधानों और सोलह श्रृंगार में सजी कवयित्रियों ने सावन के गीतों से सजाया मंच, “तीज क्वीन” प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
मेरठ। राष्ट्रीय काव्य संग्रह मंच के तत्वावधान में तीजोत्सव एवं कवयित्री सम्मेलन का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास व भव्यता के साथ किया गया। सावन की हरियाली और लोक परंपराओं से सजे इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में सभी कवयित्रियाँ हरे परिधान व सोलह श्रृंगार में सजी धजी मंच पर पहुंचीं, जिससे आयोजन की शोभा और भी बढ़ गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे स्वरबद्ध किया संचालनकर्ता डॉ. नीलम मिश्रा ‘तरंग’ ने। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का सफल व सुचारु संचालन किया। निर्णायक मंडल में डॉ. नीलम मिश्रा ‘तरंग’, रेखा गिरीश, अरुणा पंवार व राजश्री गौतम सम्मिलित रहीं।
तीज क्वीन प्रतियोगिता कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रही। निर्णायक मंडल द्वारा उन कवयित्रियों को विजेता चुना गया जिन्होंने सोलह श्रृंगार में मंच की शोभा बढ़ाई तथा तीज पर्व से संबंधित पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर दिया।
- प्रथम स्थान: श्रीमती बीना मंगल
- द्वितीय स्थान: श्रीमती राजबाला कपिल
- तृतीय स्थान: श्रीमती रचना वानिया
सावन गीतों की झड़ी
कार्यक्रम में कवयित्रियों ने सावन के रंग बिखेरते हुए गीतों और कविताओं की मनमोहक प्रस्तुति दी। वीना मंगल, राजबाला कपिल, अरुणा पंवार, सीमा गुप्ता, रीना खेड़ा, कुसुम गोस्वामी, नंदिनी रस्तोगी, चुन्नी रस्तोगी, रचना वानिया, रेखा गिरीश और अलका गुप्ता ने अपनी सशक्त वाणी से मंच पर तालियों की बरसात करवा दी।
कवियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध कवियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया। श्री सत्यपाल सत्यम, श्री दीवान गिरी, श्री चंद्रशेखर मयूर, श्री नीतीश राजपूत, श्री विनय नोक, श्री तरुण रस्तोगी, श्री मंगल सिंह मंगल, श्री सुरेंद्र खेड़ा, श्री प्रेमचंद एवं श्री धर्मपाल मित्रा ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को गौरवान्वित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीलम मिश्रा ‘तरंग’ ने सभी उपस्थित कवियों, कवयित्रियों, निर्णायकों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। यह तीजोत्सव लोक संस्कृति, स्त्री सशक्तिकरण और साहित्यिक चेतना का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
