New Modern Public School Ishapur में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन

New Modern Public School Ishapur में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन
Suresh kannojiya

New Modern Public School Ishapur में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विकास खंड सुईथाकला क्षेत्र अंतर्गत गंगा आश्रम ईशापुर स्थित विद्यालय परिसर में यह आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती एवं गुरुजनों के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों के बीच अनुशासन, आत्मबल और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विचारों का सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।

विद्यालय के प्रबंधक देवेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि युवाओं को उनके विचारों, आदर्शों और जीवन दर्शन से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक महान भारतीय संत और विचारक थे, जिन्होंने न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को धर्म, मानवता और कर्म का वास्तविक अर्थ समझाया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हों।

New Modern Public School Ishapur में स्वामी विवेकानंद, मां सरस्वती व गुरुजनों को नमन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत श्रद्धापूर्ण वातावरण में हुई। विद्यालय परिसर में जैसे ही दीप प्रज्ज्वलन हुआ, पूरे वातावरण में प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार दिखाई दिया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, चरित्र और राष्ट्रप्रेम का विकास करना भी है।

इस अवसर पर बताया गया कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। उन्होंने रामकृष्ण मठ और मिशन की स्थापना कर भारतीय दर्शन और वेदांत को वैश्विक पहचान दिलाई। 1893 में शिकागो के ऐतिहासिक भाषण के माध्यम से उन्होंने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके विचार आज भी युवाओं को यह संदेश देते हैं कि उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं।

विद्यालय परिवार ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और महान व्यक्तित्वों से जोड़ने का कार्य करते हैं, जिससे उनमें आत्मगौरव की भावना विकसित होती है।

New Modern Public School Ishapur में युवाओं को आत्मबल, अनुशासन और लक्ष्यबोध का संदेश

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि आज के समय में जब युवा अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब विवेकानंद के विचार उन्हें सही दिशा दिखा सकते हैं। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्रनिर्माण की जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ी के कंधों पर है।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से यह भी कहा गया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करते हैं। युवा यदि सही दिशा में आगे बढ़ें तो समाज और देश दोनों का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।

New Modern Public School Ishapur में राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रेरणादायी विचारों की गूंज

कार्यक्रम का सफल संचालन पत्रकार आशुतोष सिंह राजपूत उर्फ महादेव सिंह एवं उप प्रबंधक द्वारा किया गया। मंच संचालन के दौरान विषय की गंभीरता और प्रेरणात्मक पक्ष को संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों की रुचि पूरे कार्यक्रम के दौरान बनी रही।

वरिष्ठ शिक्षक रमेश मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जयंती जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों को जीवन के वास्तविक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि यदि युवा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में उतार लें, तो वे न केवल स्वयं को सशक्त बना सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा हुआ अनुभव बनकर यादगार रहा।