• News
  • देश
  • एआई में भारत देख रहा है अवसर और भविष्य की रूपरेखा: पीएम मोदी

    एआई में भारत देख रहा है अवसर और भविष्य की रूपरेखा: पीएम मोदी एआई में भारत देख रहा है अवसर और भविष्य की रूपरेखा: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मानव सभ्यता के इतिहास के बड़े बदलावों जितना ही महत्वपूर्ण परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि आज जो हम एआई के बारे में देख और अनुमान लगा रहे हैं, वह उसके प्रभाव की केवल शुरुआती झलक है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिम्मेवारी के साथ कहता हूं, गर्व के साथ कहता हूं, हमें भय नहीं, भारत को AI में भाग्य दिखता है, भारत को AI में भविष्य दिखता है। हमारे पास प्रतिभा भी है, ऊर्जा क्षमता भी है और नीति स्पष्टता भी है। और मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि इस समिट में 3 भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल्स और ऐप्स लॉन्च किए हैं। ये मॉडल्स, हमारे युवा के टैलेंट को दिखाते हैं और भारत जो सॉल्यूशंस दे रहा है, उसकी गहराई और विविधता का भी प्रतिबिंब है। भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक एआई इम्पैक्ट समिट भारत में आयोजित हो रहा है, जो विश्व की एक-छठी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल और तेजी से बढ़ता टेक-आधारित इकोसिस्टम वाला देश है। भारत न केवल नई तकनीक विकसित करता है, बल्कि उन्हें अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि, सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और बहुभाषी जरूरतों को पूरा करने जैसे क्षेत्रों में प्रस्तुत समाधान ‘मेड इन इंडिया’ की ताकत को दिखाते हैं और एआई क्षेत्र में भारत की नवाचार क्षमता को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मानव क्षमता को कई गुना बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है – यदि इसे बिना दिशा के छोड़ दिया जाए तो यह अव्यवस्था ला सकता है, लेकिन सही दिशा मिलने पर यह समाधान बन जाता है। एआई को खुला आसमान मिलना चाहिए, लेकिन नियंत्रण मानव के हाथों में ही रहना चाहिए।” उन्होंने एआई की तुलना जीपीएस से की, जो रास्ता सुझाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उपयोगकर्ता ही लेता है। उन्होंने कहा कि आज मानवता एआई को जिस दिशा में ले जाएगी, वही भविष्य तय करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि एआई से लोगों के लिए उच्च मूल्य वाले, रचनात्मक और अर्थपूर्ण कार्यों के अवसर भी खुलेंगे। इससे नवाचार, उद्यमिता और नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्किलिंग, री-स्किलिंग और आजीवन सीखने को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य का कामकाज समावेशी, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित होगा। यदि पूरी मानवता साथ मिलकर आगे बढ़ेगी, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। (इनपुट-एजेंसी) मोस्ट रीड सम्पूर्ण जानकारी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मानव सभ्यता के इतिहास के बड़े बदलावों जितना ही महत्वपूर्ण परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि आज जो हम एआई के बारे में देख और अनुमान लगा रहे हैं, वह उसके प्रभाव की केवल शुरुआती झलक है।

    पीएम मोदी ने कहा कि मैं जिम्मेवारी के साथ कहता हूं, गर्व के साथ कहता हूं, हमें भय नहीं, भारत को AI में भाग्य दिखता है, भारत को AI में भविष्य दिखता है। हमारे पास प्रतिभा भी है, ऊर्जा क्षमता भी है और नीति स्पष्टता भी है। और मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि इस समिट में 3 भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल्स और ऐप्स लॉन्च किए हैं। ये मॉडल्स, हमारे युवा के टैलेंट को दिखाते हैं और भारत जो सॉल्यूशंस दे रहा है, उसकी गहराई और विविधता का भी प्रतिबिंब है।

    भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक एआई इम्पैक्ट समिट भारत में आयोजित हो रहा है, जो विश्व की एक-छठी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट पूल और तेजी से बढ़ता टेक-आधारित इकोसिस्टम वाला देश है। भारत न केवल नई तकनीक विकसित करता है, बल्कि उन्हें अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि, सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और बहुभाषी जरूरतों को पूरा करने जैसे क्षेत्रों में प्रस्तुत समाधान ‘मेड इन इंडिया’ की ताकत को दिखाते हैं और एआई क्षेत्र में भारत की नवाचार क्षमता को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मानव क्षमता को कई गुना बढ़ा रहा है।

    पीएम मोदी ने कहा, “एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति है – यदि इसे बिना दिशा के छोड़ दिया जाए तो यह अव्यवस्था ला सकता है, लेकिन सही दिशा मिलने पर यह समाधान बन जाता है। एआई को खुला आसमान मिलना चाहिए, लेकिन नियंत्रण मानव के हाथों में ही रहना चाहिए।”

    उन्होंने एआई की तुलना जीपीएस से की, जो रास्ता सुझाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उपयोगकर्ता ही लेता है। उन्होंने कहा कि आज मानवता एआई को जिस दिशा में ले जाएगी, वही भविष्य तय करेगी।

    पीएम मोदी ने कहा कि एआई से लोगों के लिए उच्च मूल्य वाले, रचनात्मक और अर्थपूर्ण कार्यों के अवसर भी खुलेंगे। इससे नवाचार, उद्यमिता और नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्किलिंग, री-स्किलिंग और आजीवन सीखने को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य का कामकाज समावेशी, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित होगा। यदि पूरी मानवता साथ मिलकर आगे बढ़ेगी, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

    1b2110adbef6a0e816f24ebb03020a29

    News Desk

    आप अपनी खबरें न्यूज डेस्क को eradioindia@gmail.com पर भेज सकते हैं। खबरें भेजने के बाद आप हमें 9808899381 पर सूचित अवश्य कर दें।
    1 mins