ग्लोबल एक्सपर्ट्स एक मंच पर—मेरठ में शोध और नवाचार का बड़ा संगम
मेरठ:
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “सतत विकास और बुद्धिमान नवाचार (ICSDII-2026)” का दूसरा दिन शोध, तकनीक और वैश्विक नवाचार को समर्पित रहा। देश-विदेश के विशेषज्ञों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी के बीच सम्मेलन ने अकादमिक उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

🔬 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के विचार
दिन के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. पंकज मिश्रा (प्राचार्य, एप्लाइड साइंस) ने की। इस सत्र में कई अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए:
- Montana State University की डॉ. मनजिंदर कौर ने ‘इनऑर्गेनिक सरफेस’ के उत्प्रेरक उपयोग पर चर्चा की
- National Changhua University के प्रो. यांग वेई लिन ने ‘ग्रीन नैनोमटेरियल’ से पर्यावरण निगरानी के उपाय बताए
- Lebanese French University के डॉ. आशीष शर्मा ने सतत विकास में AI की भूमिका पर प्रकाश डाला
- University of Delhi के प्रो. कुलदीप कुमार ने ‘सर्फेस प्लाज्मन रेजोनेंस’ तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी

फजी लॉजिक और स्मार्ट सर्विलांस पर चर्चा
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डॉ. एस.सी. तिवारी (प्राचार्य, पॉलिटेक्निक कॉलेज) ने की।
इस सत्र में Chaudhary Charan Singh University के प्रो. मुकेश शर्मा ने ‘फजी लॉजिक’ आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम पर अपने शोध निष्कर्ष साझा किए।
इस दौरान डॉ. विवेक कुमार नौटियाल की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।

200 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी
सम्मेलन के दूसरे दिन:
- 200+ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
- 50+ शोध पत्र प्रस्तुत किए गए (ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से)
यह सहभागिता सम्मेलन की व्यापकता और प्रासंगिकता को दर्शाती है।
आयोजन टीम की अहम भूमिका
सम्मेलन का सफल आयोजन डीन प्रो. आर.के. जैन, संयोजक डॉ. शशिराज तेवतिया और आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है।
आयोजन में कई शिक्षकों और स्टाफ ने सक्रिय योगदान दिया, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो सका।
आभार और निष्कर्ष
कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. अमित कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सतत विकास और बुद्धिमान नवाचार के क्षेत्र में नए विचारों को मंच देने के साथ-साथ शोध एवं तकनीकी सहयोग को नई दिशा प्रदान कर रहा है।







