
- निजी भूमि पर लगे 10 वर्ष पुराने नीम के पेड़ को काटने का आरोप
- पीड़ित ने पर्यावरण और संपत्ति को नुकसान बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की
जौनपुर। जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में निजी भूमि पर लगे नीम के पेड़ को कथित रूप से काटे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, आर्थिक क्षति की भरपाई कराने तथा पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गांव निवासी राम पलट यादव ने थानाध्यक्ष को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि में लगभग 10 वर्ष पुराना नीम का पेड़ लगा हुआ था। आरोप है कि 6 जून की रात गांव के कुछ लोगों ने अवैध रूप से पेड़ को काट दिया और उसकी टहनियां तक उठा ले गए।
पीड़ित का कहना है कि इस घटना से न केवल उनकी निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, बल्कि पर्यावरण और जनहित को भी गंभीर क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक ओर वृक्षारोपण और हरित अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर्यावरण संरक्षण की भावना के विपरीत है।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर आरोपियों ने अभद्र व्यवहार किया और धमकी दी। इससे परिवार के सदस्य भय और असुरक्षा की भावना में हैं।
पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने, काटी गई लकड़ी बरामद करने तथा हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष यजुवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी मैं बाहर हूं। प्रकरण की जांच करवाते हैं जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।







