
- डीएम ने गंगनहर कांवड़ मार्ग का किया निरीक्षण
- सुरक्षा और सुविधाओं की परखी तैयारियां
- अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी खुद मैदान में उतर आए। गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर कई किलोमीटर तक निरीक्षण कर उन्होंने सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य और सफाई तक हर व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। आखिर क्या-क्या तैयारियां की गई हैं और अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं? आइए जानते हैं पूरी खबर।
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सलावा पुल, अटेरना पुल, दौराला पुल, नानू पुल, भलसौना पुल, पूठखास पुल से लेकर भोला की झाल तक पूरे मार्ग का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, बैरिकेडिंग, साइनेज, पुलिस व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर किए गए इंतजामों की समीक्षा की। साथ ही साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की स्थिति भी परखी।
जिलाधिकारी ने विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए।
उन्होंने बिजली के खंभों को पॉलीथीन से सुरक्षित ढकने और ट्रांसफार्मरों के चारों ओर सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। निरीक्षण के दौरान महिला सुरक्षा, शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं, गोताखोरों और मोटरबोट की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। विशेष रूप से गंगनहर के किनारे सुरक्षा इंतजामों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं कांवड़ियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। श्रद्धालुओं से मिले सुझावों और अनुभवों को भी अधिकारियों के साथ साझा किया गया, ताकि जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल सुधार किया जा सके।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें और कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक हर व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, एसपी देहात अभिजीत कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर, डीपीआरओ वीरेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, मेरठ प्रशासन कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लाखों शिवभक्त बिना किसी परेशानी के अपनी आस्था की इस यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पूरा कर सकें।







