
- भिवानी परिवार मैत्री संघ ने किया शानदार आयोजन
- नौ उद्योगपतियों को ‘नवरत्न अवार्ड 2026’ से किया सम्मानित
- प्रत्येक वर्ष आयोजित होता है यह सम्मान समारोह
भिवानी परिवार मैत्री संघ (बीपीएमएस) द्वारा आयोजित भव्य समारोह में भिवानी मूल के नौ सफल उद्योगपतियों और व्यवसायियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘नवरत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सम्मानित किए गए प्रत्येक उद्योगपति की व्यावसायिक यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई। मंच पर उनके साथ संवाद के दौरान उन्होंने अपने संघर्ष, सफलता, अनुभव और नई पीढ़ी के लिए प्रेरक संदेश साझा किए।
भिवानी परिवार मैत्री संघ के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय कवि राजेश चेतन तथा वरिष्ठ पदाधिकारी प्रमोद शर्मा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का संचालन किया। दोनों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को आकर्षक बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सम्मानित उद्यमियों की सफलता की कहानियों को उत्साहपूर्वक सुना।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद से जुड़े सुरेश जैन, बृजलाल सराफ, घनश्याम जावेरी, राजेश खेतान, केएल गर्ग, बजरंग लाल अग्रवाल, पंडित रामनिवास, पप्पूभाई, मोहित यादव, नरेंद्र सिंघानिया, विनय सिंघल और मनीष गोयल सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
‘नवरत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित हस्तियां
- कृष्ण कुमार गुप्ता – डायरेक्टर, बीआर एग्रोटेक लिमिटेड
- कुलदीप कुमार अग्रवाल – चेयरमैन, जीएसआई एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड
- पवन गोयल – मैनेजिंग डायरेक्टर, लिटिल हार्ट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस
- राजीव तोशामवाल – फाउंडर, गोयल लाइम इंडस्ट्रीज लिमिटेड
- राजकुमार गोयल – मैनेजिंग डायरेक्टर, एसएलआर मेटालिक्स लिमिटेड
- डॉ. रविन्द्र गोयल – को-फाउंडर, ई रिक्रूट एचआर ऑटोमेशन सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड
- उमेश सिंघल – डायरेक्टर, एलआरबी ग्रुप
- विनोद अग्रवाल – डायरेक्टर, सेंटीलियन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड
- विनोद तायल – चेयरमैन, शांति फर्टिलाइजर्स एंड कैमिकल्स
कार्यक्रम में सम्मानित उद्योगपतियों ने युवा पीढ़ी को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, धैर्य, ईमानदारी और निरंतर सीखने की भावना ही सफलता का आधार है। उन्होंने माता-पिता के सम्मान, नैतिक मूल्यों, कौशल विकास और नई तकनीकों, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), का सकारात्मक उपयोग करने पर बल दिया। वक्ताओं ने युवाओं से जल्दबाजी से बचने, असफलताओं से सीखने, स्वास्थ्य और परिवार को प्राथमिकता देने तथा मौलिक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।







