तालिबान के सत्ता में आने के बाद भोजन और दवाओं की मार झेल रहे अफगानी

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अफगानिस्तान में जब से तालिबान का कब्जा हुआ है तभी से आम लोगों पर कई बंदिशे लगा दी गई है। तालिबान की सत्ता में अफगानिस्तान के हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। हिंदी अखबार NBT में छपी एक खबर के मुताबिक, सूखा और पैसे की तंगी से जूझ रहे अफगानी अब दाने-दाने के मोहताज हो गए है।

भोजन की कमी से जूझ रहे अफगानियों को न केवल खाने की कमी सता रही है बल्कि अब उनके सामने दवाइयों का संकट भी आ गया है। तास की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में इस समय न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि खाद्य सामग्री और दवाइयों की कमी देखने को मिल रही है और साथ ही इनकी कीमतें आसमान को छू रही है।

वहीं तालिबानी हुकुमत के बीच कई अफगानी ऐसे भी है जो अपने पारिवार का पेट पालने के लिए मजबुर हो रहे है। कामकाज न होने के कारण अफगानिस्तान की आवाम काफी समस्याओं का सामना कर रही हैं। अफगानिस्तान के बस और टैक्सी चालक के मुताबिक, तालिबान ने जब से अपनी सत्ता जमाई है

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उसके बाद से ही तेल की कीमतों में करीब 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई हैं।बढ़ते तेल के दामों के कारण गुजारा करना काफी मुश्किल हो रहा है।वहीं, काबुल के निवासियों ने कहा कि, आटे से लेकर सब्जियों तक के दाम ऊपर पहुंच गए है।

जहां आटे के दाम में 30 फीसदी की तेजी दिखाई दी है वहीं सब्जियों के दामों में 50 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि अफगानियों को अपने बैंक से पैसे तक निकालने में दिक्कतें आ रही है क्योंकि बैंक से धन निकासी में इस समय वहां पाबंदी लगी हुई है।

तालिबान की सत्ता नए कानूनों को लागू करने के लिए अब देश के पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान कार्ड में बदलाव करेगी। बता दें कि तालिबान इन्हें बदलने का विचार कर रही है।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शानिवार को तालिबान के सूचना व संस्कृति मंत्रालय के उप-मंत्री जबीहुल्ला मुजाहिद ने ऐलान करते हुए बताया कि अफगानिस्तान के पासपोर्ट और एनआईडी पर देश का नाम बदला जाएगा यानि कि अफगानिस्तान की जगह अब इस्लामी अमीरात ऑफ अफगानिस्तान लिखा जाएगा। वहीं नए डॉक्यमेंट जारी होने से पहले पुराने डॉक्युमेंट वेलिड माने जाएंगे।