दुनिया के कई देशों के बीच सीफफायर करवाने के बाद इजरायल और पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भेजे जाने पर सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने लिए नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहे हैं। इस बीच, ट्रंप के बाद अब आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी अपने लिए नोबेल पुरस्कार की मांग कर दी है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल अमेरिकी राष्ट्रपति के तरह ही नोबेल की मांग करते हुए दिखाई दिए हैं। पंजाब में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उपराज्यपाल यानी LG की ओर से लगाई गई तमाम बाधाओं के बावजूद वहां काम करने के लिए वह नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं।
पंजाब के मोहाली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “जितने दिन हमारी सरकार (दिल्ली में) रही हमें काम नहीं करने दिया। इसके बावजूद हमने काम किया। इस पर तो मुझे लगता है कि गवर्नेंस के ऊपर और एडमिनिस्ट्रेशन के अंदर तो मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए कि LG के रहते मैंने दिल्ली में इतने सारे काम कर दिए।”
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “दिल्ली में 6-6 घंटे के पावर कट लगने लगे हैं। पिछले सात सालों से दिल्ली में एक मिनट का पावर कट नहीं लगा था। अभी बारिश का दिन है। अभी भी पावर कट लग रहे हैं। इनकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नीयत खराब है। हर मंत्री ने अपनी दुकान खोल ली है। उन्हें पैसा कमाना है। उन्हें सुधार करने से कोई मतलब नहीं है।”
AAP मुखिया ने अपने संबोधन में कहा, “जैसे ही हमने सरकार छोड़ी… दिल्ली की जनता को AAP सरकार की याद आ रही है। भाजपा सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए हैं। अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और मुफ्त इलाज देना बंद कर दिया है।”
केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली की सभी सड़कें टूटी हुई हैं। हर जगह ढेर सारा कचरा है। पिछले साल जून में जब तापमान 50 डिग्री सेल्सियस था। तब एक मिनट भी बिजली नहीं कटी थी। लेकिन अब बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है। बीजेपी वाले राजनीति कर रहे हैं। वे सिर्फ पैसा कमाना चाहते हैं।”
दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा, “2014 में जून महीने में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। उस वक्त आठ-आठ घंटे रात में दिल्ली में बिजली जाया करती थी। हम 2013 का चुनाव बिजली आंदोलन से जीते थे। 2013 में पहली बार सरकार बनी थी। उसके पहले पूरी दिल्ली में घूम घूमकर मैंने 15 दिनों का अनशन किया था।”
केजरीवाल ने कहा, “हजारों रुपये के लोगों के बिजली बिल आ रहे थे। लोगों से बिजली के बिल नहीं भरे जा रहे थे। खंभे पर चढ़कर मैंने जो ताड़ जोड़े थे। आज भी वो तस्वीर लोगों को याद है। बिजली लोगों के पहुंच के परे थी। पानी नहीं आता था बिल आते थे। 15-20 हजार के बिल आते थे। ये सारा अनुभव लेकर हम सरकार में गए थे।
