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    अखिलेश यादव का संजय निषाद पर तंज: “ये आंसू सत्ता का मोह या मजबूरी?”

    “मंत्री के आंसू बने सियासत का हथियार, 2027 की जंग हुई तेज!”

    अखिलेश यादव का कैबिनेट मंत्री संजय निषाद पर तंज

    “इन आंसुओं को क्या मानें, सत्ता का मोह या मजबूरी?”

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के एक भावुक वीडियो को लेकर तीखा हमला बोला है।

    “मंत्रियों के आंसू बता रहे हैं सरकार की हकीकत”

    संजय निषाद के भावुक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब सरकार के मंत्री ही खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया—
    👉 “इन आंसुओं को क्या समझा जाए? निषाद समाज की उपेक्षा का दर्द या सत्ता की मलाई छिन जाने का डर?”

    NDA गठबंधन पर निशाना

    सपा प्रमुख ने इस मुद्दे के जरिए भाजपा और उसके सहयोगी दलों के रिश्तों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सहयोगियों का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव जीतने के लिए करती है और बाद में उन्हें हाशिए पर डाल देती है।

    अखिलेश यादव ने कहा कि संजय निषाद के आंसू उस “घुटन” का संकेत हैं, जिसे NDA के सहयोगी दल लंबे समय से महसूस कर रहे हैं।

    निषाद वोट बैंक पर सियासी घमासान

    गौरतलब है कि संजय निषाद अक्सर आरक्षण और निषाद समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके हालिया भावुक वीडियो ने विपक्ष को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा दे दिया है।

    अब इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में निषाद वोट बैंक को लेकर खींचतान और तेज होने के आसार हैं।

    2027 चुनाव पर नजर

    अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिया कि आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में जनता इन “आंसुओं” का जवाब देगी और भाजपा के साथ-साथ उसके सहयोगियों को भी आईना दिखाएगी।

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    News Desk

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