
- कार्यक्रम में सामाजिक समरसता और राष्ट्रनिष्ठा पर दिया जोर
मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय में विश्व हिंदू परिषद की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जय प्रकाश, गुरुकुल प्रभात आश्रम के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती, विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर, प्रांत अध्यक्ष सुशील जैन, कृष्णानंद महाराज और प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता डॉ. सुरेंद्र जैन ने अशोक सिंघल के जीवन और योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित किया। उन्होंने हिंदू समाज से अपनी सांस्कृतिक पहचान और वैदिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयास सामाजिक समरसता और राष्ट्रनिष्ठा की भावना से जुड़े थे।

अपने संबोधन में डॉ. जैन ने मेरठ के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर की पहचान केवल 1857 की क्रांति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध महाभारत कालीन इतिहास से भी है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की बात कही। संबोधन के दौरान उन्होंने कुछ धार्मिक संगठनों और समुदायों को लेकर विवादित टिप्पणियां भी कीं।
क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने कहा कि अशोक सिंघल ने पूर्वजों के संकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया। उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के साथ सामाजिक समरसता, छुआछूत उन्मूलन, धर्मसेवा और राष्ट्रनिष्ठा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने गौ, गंगा, गायत्री, प्रकृति और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया।
मलखंब और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में ब्रजघाट से आए नेहनीड के विद्यार्थियों ने मलखंब का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने भगवान श्रीराम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री अरुण पाञ्चजन्य, निमेष वशिष्ठ, राजीव गर्ग, राहुल, अवनीत बंसल और नवीन अग्रवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

