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ओशो हिंदी प्रवचन

संसार में तो हम मौत को टाले जाते हैं: ओशो

संसार में तो हम मौत को टाले जाते हैं। हम कहे चले जाते हैं, सदा दूसरा मरता है, मैं तो कभी मरता नहीं। रोज ही तुम देखते हो–किसी की अरथी उठ गई, किसी का जनाजा उठ गया; कोई कब्रिस्तान चले…

Osho on Terror: पहलगाम जैसे मुद्दों पर ओशो क्या कहते हैं?

भारत में मैं कई राजनेताओं को जानता हूँ, किन्तु मैंने उनमें दिमाग नहीं पाया। जिन सामान्य बातों को कोई भी समझ सकता है, जिन्हें समझने के लिए किसी महान प्रतिभा की जरूरत नहीं है, उन्हें भी राजनेता समझ नहीं पाते…

ओशो ने जान लिया था अपना अंतिम समय

ओशो ने अपने इस जीवन अंतिम 10 महीनों में प्रकाशित होने वाली दस पुस्तकों के मुख्य शीर्षकों के साथ जो उप-शीर्षक जोड़े, उनमें स्पष्ट संकेत हैं कि वे शीघ्र ही देह-मुक्त होने वाले हैं। इन किताबों के कवर-चित्र संलग्न हैं।…

मृत्यु की कला

मैं जरूर मृत्यु सिखाता हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं जीवन का विरोधी हूं। इसका मतलब ही यह है कि जीवन को जानने का, जीवन को पहचानने का द्वार ही मृत्यु है। इसका मतलब यह है कि…

विपरीत होना जरूरी है: ओशो

अगर इस पृथ्वी पर अंधेरा न हो, तो प्रकाश का किसी को भी पता नहीं चलेगा। प्रकाश होगा, पता नहीं चलेगा। पता चलने के लिए विपरीत का होना जरूरी है। वह जो विपरीत है, वही पता चलवाता है। अगर बुढ़ापा…

मैत्री के बारे में ओशो क्या कहते हैं?

स्त्री और पुरुष के संबंध में भारतीय मन में एक ही धारणा रही है कि एक ही संबंध हो सकता है वह है कामवासना का। स्त्री और पुरुष के बीच मैत्री भी हो सकती है मित्रता भी हो सकती है…

मुझे अचानक मेरे एक पिछले जन्म की याद आ गई: ओशो

मुझे अचानक मेरे एक पिछले जन्म की याद आ गई है। उनके मरने को देखकर मुझे अपनी एक मौत याद आ गई।” वह जीवन और मृत्यु तिब्बत में हुई थी। तिब्बत ही एकमात्र ऐसा देश है जो बहुत वैज्ञानिक ढंग…

Osho Birthday 2024: ओशो एक, विवाद और आलोचना अनेक

Osho Birthday 2024: ओशो, जिनका मूल नाम रजनीश चंद्र मोहन जैन था, का जन्म 11 दिसंबर 1931 में मध्य प्रदेश कुचवाड़ा गांव में हुआ था। वह एक प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु, मनीषी और रहस्यवादी थे। जिन्होंने ध्यान, आत्म-जागरूकता, प्रेम और जीवन…

शिष्य का लक्षण क्या है?

एक झेन फकीर ने अपने शिष्य से पूछा कि शिष्य का लक्षण क्या है? उस शिष्य ने बड़े सहज भाव से कहा, बुद्धं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि। धम्मं शरणं गच्छामि। जो जागे हुए हैं, उनकी शरण जाना शिष्य का…

अगर तुम स्वीकार करते हो तो सारा अस्तित्व तुम्हारे साथ है

“अगर तुम स्वीकार करते हो तो सारा अस्तित्व तुम्हारे साथ है; इससे अन्यथा नहीं हो सकता। और जब तुम अस्वीकार करते हो तो तुम शत्रु निर्मित करते हो। तुम जितना ही अस्वीकार करोगे ,तुम जितना ही बचाव करोगे, उतने ही…