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    छोटी दीवाली आज, मंगलबुधादित्य योग में प्रकटेंगे हनुमान
    • छोटी दिवाली, हनुमान जयंती, नरक चतुर्दशी और होगी काली माता की पूजा

    बरेली। दीपावली जहां भगवान राम के चौदह वर्ष वनवास से अयोध्या नगरी लौटने की खुशी में प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।वहीं उनके परम सेवक हनुमान जी का भी जन्मोत्सव ठीक एक दिन पहले यानी छोटी दीपावली के दिन मनाया जाता है। इस दिन नरक चतुर्दशी, काली मां की पूजा के साथ ही साथ हनुमान जी का जन्मदिवस भी मनाया जाताहै।

    अगर बात करें हनुमान जयंती की तो यह साल में दो बार पड़ती है। एक चैत्र मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन और दूसरी कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन। वैसे इसका आलेख वायु पुराण, क्षेषक रामायण सहित कई धर्म ग्रंथों में है।

    इसबार छोटी दिवाली का महत्व कई गुना अधिक बढ़ गया है। क्योंकि अत्यंत मंगलकारी मंगलबुधादित्य योग इस दिन बन रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार तुला राशि में मंगल बुध और सूर्य एक साथ विचरण करने से इस योग का निर्माण हो रहा है। जिसके चलते हनुमान जी की मंगलमयी कृपा भक्तों पर खूब बरसेगी। साथ ही यम के दीपक जलाने से सभी संकट दूर होंगे।

    आयु आरोग्य की वृद्धि होगी।इस दिन पूजा करने से पितरों को भी मुक्ति मिलती है और दीर्घायु का वरदान भी। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इसलिए इस दिन नरक चतुर्दशी के रूप में भी यह पर्व मनाया जाता है। इसलिए इस दिन पूजा करने से प्राणी को नरक यातनाएं नहीं मिलती। साथ ही मरने पर मोक्ष की प्राप्ति भगवान की कृपा से सहजता से होती है।

    यम दीपक जलाने का समय

    छोटी दिवाली की पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। इसलिए पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू हो जाएगा। इसके बाद रात्रि 9 बजे तक आप पूजा-पाठ कर सकते हैं। यमराज के लिए तेल का चौमुखा दीपक जलाते हैं और उसे घर से दक्षिण दिशा में रखते हैं।

    हनुमान जी की पूजा मुहूर्त और विधि

    हनुमान जी की पूजा प्रदोष काल या इसके बाद रात्रि के प्रथम पहर में करें हनुमान जी की पूजा लाल रंग के फूल धूप, दीप, सिंदूर आदि चीजों से करें। इस समय हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें। अगर समय है तो सुंदर काण्ड का पाठ अवश्य करें। अंत में आरती अर्चना कर मुख समृद्धि बल, बुद्धि, विद्या और शक्ति की कामना करें। पूजा में हनुमान जी को सिंदूर जरूर अर्पित करें। इस प्रकार हनुमानजी की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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    Pratima Shukla

    प्रतिमा शुक्ला डिजिटल पत्रकार हैं, पत्रकारिता में पीजी के साथ दो वर्षों का अनुभव है। पूर्व में लखनऊ से दैनिक समाचारपत्र में कार्य कर चुकी हैं। अब ई-रेडियो इंडिया में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहीं हैं।
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