Report by : News Desk
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पटना। बिहार सरकार में परिवहन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर विजय चौधरी ने कहा सामूहिक प्रयास से राज्य में दुर्घटना का जोखिम कम होगा।

बैठक में सड़क सुरक्षा के लिए बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् एवं विभिन्न स्टेक होल्डर विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए परिवहन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए सड़क सुरक्षा परिषद् सतत् प्रयत्नशील है। आने वाले समय में यह परिषद् और भी प्रभावी ढंग से काम करेगा।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सड़क सुरक्षा अभिन्न रुप से जुड़ गया है। कई मुद्दे जो राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण है, उनमें से सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में उभरा है। सड़क और परिवहन की सुविधाएं बढ़ने के साथ ही सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा है। इन चुनौतियों के बीच सड़क दुर्घटना को नियंत्रित करने की दिशा में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् प्रयासरत है। निश्चित रुप से सभी विभाग के सामूहिक प्रयास से राज्य में दुर्घटना का जोखिम न्यून होगा।

बैठक के दौरान परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के लिए किये जा रहे प्रयासों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 14 प्रतिशत एवं मृत्यु में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। वहीं 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में मात्र 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा मृत्यु में भी कमी आयी है।

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों एवं तथ्यों का ऑन स्पॉट आईआरएडी/ईडीएआर में प्रविष्टि के लिए सभी थानों/ओपी के लिए 1220 स्मार्ट फोन पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए सड़क दुर्घटनाओं के कारणों एवं अन्य विवरणी जैसे दुर्घटना स्थल का लोकेशन, दुर्घटना के कारण, पीड़ितों की संख्या इत्यादि की सटीक जानकारी अविलंब पोर्टल पर अपलोड की जायेगी।

उन्होंने बताया कि यातायात उल्लंघन कर्ताओं पर नियंत्रण हेतु कंट्रोल एंड कमांड सेंटर जैसे आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक देखी गई है। इस लिहाज से सशक्त हाईवे पेट्रोलिंग के लिए वर्तमान वितीय वर्ष में इंटर सेप्टर सह हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के क्रय के लिए पुलिस मुख्यालय को राशि आवंटित की गई है। लगभग 61 वाहनों द्वारा राजमार्गों पर हाईवे पेट्रोलिंग किया जायेगा। साथ ही, सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले गुड सेमेरिटन को 10 हजार का पुरस्कार दिया जा रहा है।

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