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Environment Day: अनीता राणा बोलीं- अब न चेते तो होंगे बर्बाद
मेरठ

Environment Day: अनीता राणा बोलीं- अब न चेते तो होंगे बर्बाद

  • संवाददाता, मेरठ

पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार की ही नहीं हम सबकी जिम्मेदारी है। पूरे समाज को पर्यावरण संरक्षण के बारे में सोचना होगा। हर व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने, उन्हें बचाने और जल संरक्षण के लिए आगे आना होगा।

यह बातें जनहित फाउंडेशन की निदेशिका अनिता राणा और जनहित इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा.जितेंद्र कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित परिचर्चा में कहीं। इस मौके पर दोनों अतिथियों ने पौधारोपण भी किया। अनिता राणा पिछले करीब 24 साल से जनहित फाउंडेशन के माध्यम से आर्गेनिक खेती, जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। परिचर्चा में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं को जोड़ने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए हम काम कर रहे हैं। हमने गंगा किनारे के अनेक गांवों में युवाओं को जागरूक किया है।

वहां किसानों से जैविक खेती भी करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक खेती की बहुत आवश्यकता है। इसमें पेस्टीसाइड का इस्तेमाल बहुत कम होता है। कैमिकल स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है ही पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। इसके इस्तेमाल में खर्चा भी अधिक होता है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के लिए दूसरे राज्यों की तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

इसके लिए हम किसानों को दूसरे राज्यों में भेजते हैं। मॉडल के जरूर में जैविक खेती भी कराते हैं। अनिता राणा ने कहा कि वेस्ट यूपी की मुख्य फसल गन्ना है लेकिन अब हम किसानों को गन्ने के साथ-साथ अन्य सहफसली खेती की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने पॉलीथिन पर रोक लगाने का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया। कहा कि पालीथिन पर रोक लगाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमें अपनी जिम्मेदारी सरकार पर नहीं डालनी चाहिए।

सामान लेने के लिए खुद अपना थैला लेकर बाजार जाना चाहिए। विकास के नाम पर काटे जा रहे वृक्षों के स्थान पर उन्होंने उतने ही या उससे भी अधिक पौधे दूसरी जगह लगाने की बात कही। स्कूली बच्चों को भी पौधारोपण के लिए जागरूक करने और उन्हें स्कूलों में एक-एक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी दिये जाने की बात कही। जन्म दिन और अन्य शुभ अवसरों पर भी पौधे लगाने का सुझाव दिया।

चाइल्ड हैल्पलाइन-1098 के बारे में उन्होंने बताया कि इसमें जो भी बच्चा कहीं लावारिस मिलता है, वह चाइल्ड लाइन को दिया जाता है। हम उसे उसके परिवार तक पहुंचाते हैं। अनिता राणा चाइल्ड हैल्पलाइन की निदेशक और बाल कल्याण समिति की सदस्य भी हैं।

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