युवा बनें पर्यावरण प्रहरी तो बनेगा काम: डा. जितेंद्र कुमार

अधिक से अधिक पौधे लगाएं, जल बचाएं || पर्यावरण संरक्षण की पहले हमें खुद करनी होगी

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युवा बनें पर्यावरण प्रहरी तो बनेगा काम: डा. जितेंद्र कुमार
युवा बनें पर्यावरण प्रहरी तो बनेगा काम: डा. जितेंद्र कुमार

मेरठ। जनहित इंटर कालेज, श्यामपुर जट्ट के प्रधानाचार्य डा. जितेंद्र कुमार शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। परिचर्चा में उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाना चाहिए।

पर्यावरण बचाने के लिए हम सभी को आगे आना होगा। जैविक खेती भी बहुत जरूरी है। इस समय जो बीमारियां फैल रही हैं। उनका एक बड़ा कारण पर्यावरण का असंतुलन और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल है। हमें पानी की बचत करनी होगी, अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे, उस पौधों को बचाने की जिम्मेदारी लेनी होगी और जैविक खेती की ओर विशेष ध्यान देना होगा।

इन सबके लिए पूरे समाज को जागरूक भी करना होगा। अधिक से अधिक युवाओं, छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे लाना होगा। तभी बीमारियां भी कम होंगी और पर्यावरण भी स्वस्थ रहेगा। पॉलीथिन पर बैन के बारे में उन्होंने कहा कि हमें बाजार जाते समय अपने घर से थैला लेकर जाना होगा। हम इसकी शुरूआत खुद करेंगे तभी हम दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं।

ऐसा करके ही हम प्लास्टिक मुक्त भारत बना सकते हैं। आक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए उन्होंने अधिक से अधिक पीपल, नीम और तुलसी आदि के पौधे लगाने की बात कही। डा. जितेंद्र त्यागी ने कहा कि दैनिक लोकसत्य ने पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को जागरूक करने की जो पहल की है वह वास्तव में सराहनीय है। समाज जागरूक होगा तो निश्चित रूप से पर्यावरण में सुधार होगा। इस मौके पर नरेश उपाध्याय, त्रिनाथ मिश्र, मनोज कुमार, प्राची उपाध्याय, सागर दीक्षित आदि मौजूद रहे।