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  • गर्ल्स हॉस्टल प्रकरण: वार्डन ने मामला दबाया

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    कानपुर कानपुर के काकादेव में साईं निवास गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने के मामले में वहां की वार्डेन सीमा पाल ने मामले को दबाने का प्रयास किया था। छात्राओं को धमकाया भी, जिससे मामला बाहर न जाए। यह भी कहा कि जो हुआ उसे भूल जाओ। हालांकि छात्राएं नहीं मानीं।

    उन्होंने जमकर हंगामा किया और पुलिस को जानकारी दी। छात्राओं का आरोप है कि 112 की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने ऋषि का मोबाइल वापस कर दिया था, जिसके बाद उसने सारे अश्लील वीडियो व फोटो डिलीट कर दिए। इसलिए ये पुलिसकर्मी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं।

    छात्राओं को है खुद के वीडियो के वायरल होने का डर
    घटना के बाद से डरी-सहमीं छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है। सभी को डर है कि आरोपी ने कहीं उनका वीडियो तो नहीं बनाया है। उन्हें उसके वायरल होने का डर है। हालांकि पुलिस अफसरों ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि आरोपी का मोबाइल कब्जे में है। उसका डाटा गोपनीय रखा जाएगा।

    हॉस्टल खाली कर जा रहीं छात्राएं
    घटना के बाद से छात्राएं डरी सहमी हैं। हर कोई किसी दहशत में हैं। सभी को अपने-अपने बारे में आशंका हो रही है कि कहीं उनका वीडियेा या फोटो आरोपी ने नहीं बना लिया। हालांकि पुलिस अफसरों ने उन सभी को समझाया कि वह डरें नहीं। आरोपी का मोबाइल कब्जे में है। उसका डाटा गोपनीय ही रखा जाएगा। वारदात से खौफ में आईं छात्राओं में से अधिकतर देर रात तक हॉस्टल छोड़कर चली गई हैं। कुछ अभी भी रह रही हैं।

    इसलिए पुलिस पर उठे सवाल
    छात्राओं ने बताया कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिस पर यूपी 112 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। छात्राओं का आरोप है कि पूछताछ करने के बाद पुलिसकर्मियों ने ऋषि का मोबाइल वापस कर दिया, जिसके बाद उसने अश्लील वीडियो व फोटो डिलीट कर दिए। इसलिए ये पुलिसकर्मी भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही वह कैसे कर सकते हैं।

    मालिक कौन, अब तक पता नहीं
    हॉस्टल में एक नेम प्लेट लगी है, जिसमें सुरेंद्र नाथ तिवारी, पुलिस अधीक्षक कानपुर लिखा है। सबसे ऊपर अस्थायी निवास भी लिखा हुआ है। सुरेंद्र नाथ कानपुर में तैनात भी रहे हैं। वर्तमान में वह बुलंदशहर में एसपी सिटी हैं। आशंका हुई कि हॉस्टल कहीं उनका तो नहीं है। इस पर जब उनसे बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि हॉस्टल से उनका कोई संबंध नहीं है। बोर्ड किसने और क्यों लगाया, ये नहीं पता। इधर पुलिस अब तक यह पता नहीं कर सकी है कि हॉस्टल का मालिक कौन है।

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    Neha Singh

    नेहा सिंह इंटर्न डिजिटल पत्रकार हैं। अनुभव की सीढ़ियां चढ़ने का प्रयत्न जारी है। ई-रेडियो इंडिया में वेबसाइट अपडेशन का काम कर रही हैं। कभी-कभी एंकरिंग में भी हाथ आजमाने से नहीं चूकतीं।
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