बाजीगर वर्मा पर फिर बरपा कानून का कहर

Law again wreaks havoc on Baazigar Verma

असलहाधारियों संग धमकाने, हत्या केस में पैरवी रोकने का आरोप

  • दीपक प्रेमी, सुल्तानपुर/जौनपुर

अपराध जगत का कुख्यात चेहरा जितेंद्र कुमार वर्मा उर्फ बाजीगर एक बार फिर पुलिस के रडार पर है। सरपतहां थाना पुलिस ने रविवार को वादी राकेश कुमार सिंह निवासी सूरापुर की तहरीर पर बाजीगर व उसके साथियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

आरोप है कि 8 अगस्त की दोपहर करीब 2 बजे बाजीगर दर्जनों असलहाधारियों के साथ राकेश सिंह की दुकान पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। राकेश का कहना है कि बाजीगर ने साफ-साफ कहा—“हत्या केस में पैरवी छोड़ दो, वरना अंजाम बुरा होगा।”

राकेश सिंह के अनुसार, 2005 में उनके चाचा वीरेन्द्र बहादुर सिंह की हत्या के मामले में बाजीगर वर्मा पहले ही जेल जा चुका है। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह फिर से पुराने रंग-ढंग में लौट आया है और इलाके में दहशत का माहौल बना रहा है।

बाजीगर का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है—जौनपुर, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर जिलों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, धमकी व आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। वह सुल्तानपुर के बहुचर्चित जेल कांड का भी मुख्य आरोपी है और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजय मिश्र से अभद्रता करने का आरोप झेल चुका है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका नाम और रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।