
- पति को मारकर बिस्तर पर छोड़ा था जहरीला सांप
- प्रेमी अमरदीप को भी कोर्ट ने सुनाई सजा– ए–मौत
- अमित की बूढी माँ ने व्यक्त किया अदालत का आभार
मेरठ। एक मासूम चेहरा, तीन बिलखते बच्चे और एक बुज़ुर्ग मां का उजड़ता संसार… लेकिन इस पूरी तस्वीर के पीछे छिपा था एक ऐसा खौफनाक और ज़हरीला सच, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। जिस पति अमित ने रविता को अपने घर की लक्ष्मी मानकर उम्र भर का साथ निभाया था, उसी पति अमित कश्यप की सांसें रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने बेहद बेदर्दी से छीन लीं।बहसूमा थाना क्षेत्र में लगभग डेढ़ साल पहले हुए बहुचर्चित सांप हत्याकांड में कोर्ट ने पति की कातिल रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है।
17 अप्रैल 2025 की वो काली रात आज भी सवाल पूछती है कि क्या किसी का प्यार इतना अंधा हो सकता है कि जिस हाथ में वफा की मेहंदी रचनी थी, वही हाथ गला घोंटने के लिए उठ जाए? अमित को गला दबाकर मारने के बाद भी जब कातिलों का दिल नहीं पसीजा, तो अपने जुर्म को छिपाने के लिए बिस्तर पर एक ज़हरीला सांप छोड़ दिया। उन्हें लगा कि दुनिया इसे एक हादसा समझकर भूल जाएगी। मगर वो यह भूल गए कि ऊपरवाले की अदालत से कोई ज़हर और कोई साज़िश छिप नहीं सकती। सांप तो महज़ एक बेजुबान बहाना था, असली ज़हर तो उन दोनों के दिलों में भरा था। शुक्रवार को अदालत में जब एसीजेएम 12 जयवीर सिंह नागर ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर दोनों रोने और बिलखने लगे। रविता ने अपने तीन बिलखते बच्चों की दुहाई दी, तो अमरदीप को अपने बूढ़े मां-बाप की सेवा याद आ गई। मगर ज़रा ठहरकर सोचिए कि क्या अमित के तीन बेकसूर बच्चों को अपने पिता की याद नहीं आती होगी? क्या अमित की मां मुनेश के आंखों के आंसू सूख गए होंगे, जिसका बेटा इस दुनिया से हमेशा के लिए चला गया? जब अमित की सांसें टूट रही होंगी, तब न तो रविता को अपने तीन मासूमों का चेहरा याद आया और न ही अमरदीप को अपने मां-बाप का। जब अदालत का फैसला आया और अमित की बूढ़ी मां और भाई ने रोते हुए न्याय का आभार जताया, तब न्याय की चौखट पर गिड़गिड़ाते इन कातिलों से पूरा समाज एक ही सवाल पूछ रहा है कि क्या तुम्हें अपने इस घिनौने और ज़हरीले जुर्म पर ज़रा भी शर्म नहीं आती?
हत्याकांड के दो मामले और चार को सजा ए मौत
मेरठ में हुए दो चर्चित हत्याकांडों में चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। पहले बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में 13 अक्तूबर को मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई। इसके बाद शुक्रवार को बहसूमा के चर्चित हत्याकांड में पति अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या करने और वारदात को सर्पदंश का रूप देने के मामले में रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को भी मृत्युदंड सुनाया गया। दोनों मामलों में अपराध करने का तरीका अलग था, लेकिन अदालतों की टिप्पणियों में विश्वासघात, अपराध की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव जैसे पहलू प्रमुखता से सामने आए।
