- मेरठ में गरमाया हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद
- जालंधर में मारपीट, जान को खतरा और डिफेमेशन नोटिस का दावा

मेरठ। तलाक के बाद बेटी को बैंड-बाजे के साथ घर लाकर चर्चा में आए रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी माधवी ने शनिवार को अपनी बेटी प्रणिता के वैवाहिक विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने आर्मी ऑफिसर दामाद और उसके परिवार पर बेटी की जान को खतरा होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी को जालंधर में रहते समय लगातार प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मौके पर उनके सामने ही प्रणिता के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उनका कहना है कि परिवार को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है और उनकी बेटी जहां भी जाती है, उसकी निगरानी की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे और बेटी को मानसिक तनाव से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके परिवार को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और तरह-तरह के आरोप लगाए गए। ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, लेकिन वे इससे विचलित नहीं हैं। उनका दावा है कि उनकी बेटी पर लगाए गए आरोप उसकी गरिमा के खिलाफ हैं और इसके खिलाफ वे हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।
मारपीट का मुकदमा भी कराया दर्ज
विवाद के बीच उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दामाद पक्ष को उनकी दी गई गाड़ी और अन्य सामान लौटाने में कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते उनकी बेटी का सारा सामान वापस कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि जालंधर में आर्मी मेस के भीतर उनके साथ भी मारपीट की गई थी, जिस संबंध में उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था, हालांकि बाद में रिश्ते को बचाने के प्रयास में उन्होंने इसे आगे नहीं बढ़ाया।
सोशल मीडिया कर्मियों को नोटिश जारी
रिटायर्ड जज ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने 21 मीडिया कर्मियों को मानहानि का नोटिस भेजा है, साथ ही प्रिनिता के पति, सास और ससुर को भी कानूनी नोटिस दिया गया है। उनका कहना है कि बेटी के ससुराल पक्ष द्वारा जिस घर के सामान का उपयोग किया जा रहा है, वह भी उन्होंने ही दिया था और करीब दस लाख रुपये का सामान बेटी को दिया गया था।
मां माधवी ने जताया जान का खतरा
प्रणिता के पिता ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष की नजर संपत्ति पर थी, खासकर उनके बेटे की मृत्यु के बाद। वहीं प्रणिता की मां माधवी ने भी अपनी और बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ससुराल पक्ष की होगी। माधवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि एक बेटी को अपमानित किया गया है। उन्होंने कहा कि तलाक के कारणों पर वे कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन दामाद पक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में उनके पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।







