• देश
  • फीचर्ड
  • अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटाए पाकिस्तानी नागरिक

    Pakistani citizens returned from Attari-Wagah border
    • विशेष प्रतिनिधि

    अटारी वाघा बॉर्डर। जम्मू कश्मीर पहलगाम में आतंकी हमले बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के विरुद्ध लिए गए फैसलों का असर अटारी वाघा बॉर्डर पर देखने को मिला। पाकिस्तान की तरफ से वीजा लेकर भारत भ्रमण पर आने वाले किसी भी नागरिक को भारत में प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं इधर से जाने वाले 42 पाकिस्तानी नागरिकों को पूछताछ बाद अटारी सीमा रास्ते पाकिस्तान भेज दिया गया।

    दोनों देशों के बॉर्डर पर अटारी सीमा भारत अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि वाघा सीमा पाकिस्तान अधिकार क्षेत्र में है। सामान्य दिनों भांति गुरुवार सुबह करीब 11:00 बजे पाकिस्तान से 100 से अधिक यात्री भारत में घूमने के लिए अटारी वाघा सीमा पर पहुंचे थे। इन पाकिस्तानी नागरिकों को भारत सरकार के लिए गए फैसले के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद भारतीय सैन्य अधिकारियों ने उन्हें नए फैसले से अवगत कराते हुए भारत में प्रवेश देने से इनकार कर दिया।

    पाकिस्तान सरकार तरफ से अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिसके चलते यह नागरिक काफी देर तक भारत-पाक सीमा पर ही बैठे रहे। पाक रेंजरों से बात के बाद वापस लौट गए। इस बीच भारत में घूमने के लिए आए पाकिस्तानी नागरिकों को बुधवार की रात लिए गए फैसले के बारे में पता चला तो आज सुबह वह अटारी बॉर्डर पर पहुंचे।

    बीएसएफ अधिकारियों ने पूछताछ बाद 42 पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी सीमा रास्ते पाकिस्तान भेज दिया। उड़ी सर्जिकल स्ट्राइक तथा कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद पाकिस्तान के साथ भारत का सीधा व्यापार तो बंद है, लेकिन अफगानिस्तान से पाकिस्तान रास्ते अटारी-बाघा सीमा माध्यम से भारत में तरबूज, ड्राई फ्रूट, जीरा व सेंधा नमक आदि भारत में आता है।

    किसी कारोबार को लेकर भारत, अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत अफगानिस्तान से भारत आने वाला सामान जब पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करता है तो उसे भारत सीमा तक पहुंचाने का जिम्मा पाकिस्तान चालकों व परिचालकों का रहता है। ऐसे में भारत ने नया फैसला लिए जाने के बाद अफगानिस्तान से आए करीब दो दर्जन ट्रक अटारी-बाघा सीमा पर रोक दिए गए। बीएसएफ तथा कस्टम अधिकारी इस संबंध में विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बना रहे हैं ताकि अफगानिस्तान से आए सामान को भारत में प्रवेश दिया जाए अथवा उन्हें वापस भेजा जाए। इस संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है।

    21f67d31476a8d337da958dc70341990

    editor

    पत्रकारिता में बेदाग 11 वर्षों का सफर करने वाले युवा पत्रकार त्रिनाथ मिश्र ई-रेडियो इंडिया के एडिटर हैं। उन्होंने समाज व शासन-प्रशासन के बीच मधुर संबंध स्थापित करने व मजबूती के साथ आवाज बुलंद करने के लिये ई-रेडियो इंडिया का गठन किया है।
    1 mins