सुइथाकला/शाहगंज। आध्यात्म, मानवता और सदाचार के संदेशवाहक जय गुरुदेव नाम प्रभु के पंकज जी महाराज शनिवार को समोधपुर पहुंचे, जहाँ उनके दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। महाराज जी इन दिनों जौनपुर जनपद में चार महीने के विशेष प्रवास पर हैं और लोगों को सद्भाव, संयम तथा शाकाहार का संदेश देकर मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
17 नवंबर की सुबह जैसे ही पंकज जी महाराज अपनी माता जी के साथ अपने निजी सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह के समोधपुर स्थित आवास पर पहुंचे, पूरा गाँव भक्तिमय वातावरण में बदल गया। गांव के सैकड़ों लोग घर के बाहर एकत्र होकर उनके दर्शन के लिए उत्सुक खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला।
महाराज जी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि “चौरासी लाख योनियों के बाद मानव जन्म प्राप्त होता है, यह अत्यंत दुर्लभ और अमूल्य है। जब तक मानव दूसरों का मांस खाना बंद नहीं करेगा और मांसाहार से शाकाहार की ओर नहीं लौटेगा, तब तक हमारा मानव जागरण मिशन सतत चलता रहेगा।”
उन्होंने कहा कि मनुष्य का शरीर केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि धर्म, सेवा और आत्मिक विकास के लिए मिला है। इसलिए किसी भी जीव को कष्ट पहुँचा कर भोजन करना मानवता के सिद्धांतों के विपरीत है।
इस अवसर पर समोधपुर के वरिष्ठ समाजसेवी संजय सिंह, देव प्रकाश सिंह, गिरीश सिंह, राजेश सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह (पूर्व प्रधान), राजू सिंह, ददन सिंह, आलोक सिंह, प्रधान प्रतिनिधि चंदा अमरनाथ, विजय प्रकाश तिवारी (नेता), पत्रकार सुरेश कुमार कनौजिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और उन्होंने महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
जब मीडिया द्वारा देवेंद्र प्रताप सिंह के बड़े भाई राजेंद्र सिंह से महाराज जी के आगमन पर प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने भावुक होते हुए कहा—“आज हमारा घर धन्य हो गया। ऐसा सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। घर में खुशियां ही खुशियां छा गईं। जय गुरुदेव नाम प्रभु का।”
महाराज जी के आगमन से समोधपुर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि उनके उपदेशों से गांव का वातावरण निश्चित रूप से और अधिक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
जय गुरुदेव पंथ के अनुयायियों ने बताया कि आगे आने वाले दिनों में जौनपुर के विभिन्न क्षेत्रों में भी जागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मानवता, अहिंसा, नशामुक्ति और शाकाहार की दिशा में विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा।