लालकिले से पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेताया

PM Modi

79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कड़ी हिदायत दे दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो उसे ऐसी सजा मिलेगी जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकता। उन्होंने नक्सलवाद और देश की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही। पीएम मोदी ने सभी दलों से विकसित भारत के निर्माण को लेकर प्रयासों में शामिल होने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों की सराहना की। उन्होंने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें समर्थन देने, उकसाने और प्रशिक्षण देने वालों को भी कड़ी सजा दी जाएगी। उन्हें ऐसी सजा मिलेगी जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते।

पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने सीमा पार करके पहलगाम में लोगों की हत्या कर दी। इन आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा, पतियों को उनकी पत्नियों के सामने गोली मार दी और पिता को उनके बच्चों के सामने मार डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना से पूरा देश गुस्से में था और पूरी दुनिया हैरान थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उस गुस्से का ही नतीजा था।

पीएम मोदी भारतीय सिक्योरिटी फोर्सेज के एक्शन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सेना को अपनी रणनीति बनाने, लक्ष्य चुनने और कार्रवाई का समय तय करने की पूरी छूट दी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुश्मन के इलाके में सैकड़ों किलोमीटर अंदर तक घुसकर, उन्होंने आतंकवादी मुख्यालयों को मलबे में तब्दील कर दिया। उन्होंने आतंकवादी मुख्यालयों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान अभी भी डर के साये में जी रहा है। पाकिस्तान में इतनी तबाही हुई है कि हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि जो लोग आतंकवाद को पालते-पोसते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं, उन्हें अब अलग नहीं माना जाएगा। वे सभी मानवता के दुश्मन हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है। भारत ने अब फैसला किया है कि हम इन परमाणु धमकियों को और बर्दाश्त नहीं करेंगे। परमाणु ब्लैकमेल जो इतने लंबे समय से चल रहा है, उसे अब सहन नहीं किया जाएगा। अगर हमारे दुश्मन भविष्य में यह प्रयास जारी रखते हैं, तो हमारी सेना, हमारे रक्षा बल अपनी शर्तों पर, अपनी पसंद के समय पर, अपनी इच्छानुसार तरीके से कार्रवाई करेंगे। हम उन्हें करारा जवाब देंगे।

पीएम मोदी ने सिंधु जल समझौते पर भारत के रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। उन्होंने बताया कि इस संधि के स्थगित होने तक भारत का पानी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों की सिंचाई कर रहा था। प्रधानमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले 125 जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, लेकिन आज यह संख्या घटकर 20 जिले रह गई है।

देश में घुसपैठ के जरिए जनसांख्यिकी को बदलने की ‘साजिश’ पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए एक उच्च-शक्ति जनसांख्यिकी मिशन शुरू किया जाएगा। सरकार एक ऐसी योजना शुरू करेगी जिससे देश में अवैध रूप से आ रहे लोगों की पहचान की जा सके और उन्हें रोका जा सके। इससे देश की जनसंख्या का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से आरएसएस के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देश को बनाने में बहुत मदद की है। उन्होंने आरएसएस के लोगों के काम की सराहना की। पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि वे देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आने और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।