संघर्ष के दिनों में पत्नी ने संभाला था घर

फिल्मों के दमदार अभिनेता पंकज त्रिपाठी आज जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक लंबा सफर तय किया है। बिहार की गलियों से निकले पंकज त्रिपाठी ने मुंबई में अपनी अलग पहचान बनाई है।

हालांकि उनके लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। पंकज कहते हैं कि उनके संघर्ष की दुखभरी कहानी नहीं रही। वो स्ट्रीट लाइट के नीचे नहीं बैठे और ना ही रेलवे स्टेशन पर सोए। हालांकि उन्हें एक छोटे से कमरे के घर में रहना पड़ता था लेकिन उनकी ये यादें भी शानदार हैं।

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दिलचस्प है पंकज और मृदुला की लव स्टोरी

पंकज के पास पैसे नहीं होते थे लेकिन उन्होंने सपना देखा था कि वो अभिनेता बनेंगे और आज उनका ये सपना पूरा हो चुका है। उनके इस सफर में उनकी जीवन संगिनी मृदुला ने अहम किरदार निभाया था।

मृदुला ही वो महिला हैं जो अपने पति कि सफलता की असली हीरो  हैं। पंकज भी अक्सर कई मौकों पर मृदुला के प्रति अपने प्यार का इजहार करते रहते हैं।

पंकज और मृदुला की प्रेम कहानी आपको 90 के दशक की किसी फिल्मी कहानी जैसी लगेगी। एक इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने बताया था कि जब वो 10वीं क्लास में थे तब उन्होंने पहली बार मृदुला को देखा था।

वो छज्जे पर खड़ी थीं और पंकज उन्हें नीचे से देख रहे थे जब अचानक दोनों की नजरें टकरा गईं। इसके बाद दोनों की मुलाकात हुई और पंकज ने ठान लिया कि वो मृदुला से शादी करेंगे।

पंकज अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते थे तो दोनों चिट्ठियां लिखकर एक दूसरे का हाल जाना जाना करते थे। एक वक्त ऐसा आया जब पंकज पढ़ाई करने दिल्ली चले गए। उन्हें लगा मृदुला की शादी हो गई होगी, लेकिन मृदुला ने खुद को शादी से बचाए रखा।

एक बार उनके घर पंकज का फोन आया तो उन्होंने पूरी तरह से प्यार का इजहार कर दिया। इसके बाद वो जॉब के लिए दिल्ली चली आईं ताकि पंकज के साथ समय बिता सकें। इसके बाद परिवार ने उनके रिश्ते को स्वीकार लिया और दोनों की शादी हो गई।