दिल्ली में क्यों सियासी हो गई है यमुना की सफाई

केजरीवाल की कार्ययोजना को भाजपा व कांग्रेस बता रहे हवा हवाई
जानें क्या है इस पूरी कहानी का असली सच?

यमुना की सफाई को लेकर कांग्रेस व भाजपा ने आप मुखिया अरविंद केजरीवाल को घेरना शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार ने हाल ही में छ: विंदुओं पर कार्ययोजना बनाकर यमुना की सफाई का कार्य शुरू किया है लेकिन राजनीतिक गलियारे में इस वक्त यह कार्य सियासी रुख अख्तियार कर चुका है।

Advertisement

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रदूषण संकट से ध्यान भटकाने के लिए 2025 तक यमुना सफाई करने की दुहाई दे रहे हैं। 2015 में सत्ता में आते ही केजरीवाल ने 4 साल में संपूर्ण यमुना सफाई का वादा किया था। पिछले 7 वर्षों में करोड़ों खर्च करने के बाद भी झूठे वादों के अलावा यमुना सफाई से संबधित कोई योजना शुरू नहीं की गई।

वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में एमसीडी के चुनाव नजदीक आते देख अरविंद केजरीवाल को यमुना की सफाई याद आई है। अगर सच में वह यमुना की सफाई को लेकर गंभीर होते, तो हर साल छठ पूजा पर व्रतियों को गंदी यमुना में स्नान नहीं करना पड़ता, लेकिन पिछले 7 सालों में यमुनपा की सफाई को लेकर कोरी घोषणाएं और बयानबाजी करने के सिवाय उन्होंने कुछ काम नहीं किया।

अब देखना यह है कि क्या दिल्ली सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल यमुना सफाई के कार्यों को सियासी पैंतरे से दूर रख पाएंगे? क्या यमुना की सफाई के लिये चलाया जा रहा यह अभियान परवान चढ़ पाएगा? और इस पूरे कार्य को करने में सरकार कितने दिन लगाएगी और कितना खर्च करेगी?