पुलवामा अटैक की तीसरी बरसी पर श्रद्वान्जलि सभा एवं ऑनलाईन कवि सम्मेलन


-कैन्डिल मार्च एंव दीप जलाकर पुलवामा हमले मे मारे गये 40 वीर जवानों को किया नमन
-देशभक्ति एवं देश प्रेम से बढकर कोई वैलेन्टाईन हो ही नही सकता – डॉ सुधीर गिर
मेरठ। आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा संस्थान के तत्वॉधान में संचालित डिफैन्स एवं पुलिस कैरियर एकेडमी ’’वेंक्टेश्वरा योद्धा मिलिट्री एवं पुलिस ट्रेनिंग एकादमी“ (वियम्पा) में “पुलवामा अटैक की तीसरी बरसी पर इस हमले में मारे गये 40 सी0आर0पी0एफ0 जवानों को नमन करते हुए दीये जलाकर श्र्रद्वॉन्जलि सभा का आयोजन किया गया। इसके साथ ही देश के एक दर्जन से अधिक विख्यात कवियों ने एक साथ जुडकर अपनी देशभाक्त से ओतप्रोत रचनाऐं सुनाकर उनकों श्रधा सुमन अर्पित किये। वेंक्टेश्वरा संस्थान के सरदार पटेल आडिटोरियम में आयोजित “पुलवामा अटैक की श्रद्वॉन्जलि सभा एवं कवि सम्मेलन“ का शुभारंभ समूह चेयरमैन डा0 सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डा0 राजीव त्यागी, कुलपति प्रो0 पी0के0 भारती, वियम्पा के सी0ई0ओ0 कर्नल अमरदीप त्यागी, परिसर निदेशक डा0 प्रभात श्रीवास्तव आदि ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्जवलित करके किया।
अपने संबोधन में समूह चेयरमैन डा0 सुधीर गिरि ने कहा कि मातृभूमि से बढकर कोई महबूब नही होता, इसलिए देशभक्ति एवं देश प्रेम सबसे बडा “वेलैन्टाईन“ है। हम अपने अमर जवानों के श्रणी है एवं वेंक्टेश्वरा योद्धा ऐकेडमी पूरे देश के साथ उनकों श्रॅद्यासुमन अर्पित करता है। कार्यक्रम को प्रतिकुलाधिपति डा0 राजीव त्यागी एवं सी0ई0ओ0 कर्नल अमरदीप त्यागी ने भी सम्बोधित किया। इसके बाद आयोजित ऑनलाईन कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे देश के लाडले कवि डा0 दिनेश रघुवंशी ने शहीदों को श्रॅद्या सुमन अर्पित करते हुए कहा कि “मै अपने हर तराने में हमेशा गाऊंगा तुमको, वहा सीमा पे अपने साथ लेकर जॉउगा तुमको। है जब तक सॉस सीने में तिरंगे है कसम तेरी, लिपटकर ऑऊंगा तुझमे या फिर फैराऊंगा तुझको। भारतीय सेना के पूर्व सैनिक एवं मेरठ के विख्यात कवि डा0 ईश्वरचन्द गम्भीर ने कहा “अगर आंखे तरेरी, फिर तो आंखे काढ देंगे हम, किये अनुबंध जो अब तक सभी को फाड देंगे हम। हमारी देश भक्ति पर जरा भी शक नही करना जहां सोचा नही तूने तिरंगा गाढ देंगे हम।
उत्तराखण्ड के वरिष्ठ कवि डा0 श्री गोपाल “नारसन“ ने कहा कि “देश के लिए जो कुर्बान हो गये, सच मे वो महान हो गये। मां भारती के ये लाडले, भारत रत्न के हकदार हो गये। कवि सम्मेलन को वरिष्ठ कवि डा0 योगेन्द्रनाथ शर्मा “अरूण“, डा0 किसलय सैनी, कवयत्री डा0 मन्जू सैनी, रामकिशन “चेतन“, जावेद फारूखी, डा0 एस0एस0 “तन्हा“ आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ0 पीयूष पाण्डे, निदेशक एकादमी डॉ0 राकेश यादव, निदेशक एडमिशन अलका सिंह, डॉ0 संजय तिवारी, निदेशक दीपक कुमार, निदेशक ब्रजपाल सिंह, कैप्टन आर0बी0 ढाका, विकास कौशिक, स्वाति काम्बोज, पूजा सिंह, अन्जना, नेहा, ज्योति, आरती, चीनू, तरू सिंघल, विश्वास त्यागी, मिडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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