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  • आनंद मोहन फिर से जाएंगे जेल? सजा में छूट के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

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    पटना। पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी। गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को उम्र कैद की सजा दी गई थी। बिहार की नीतीश सरकार ने जेल नियमों में बदलाव किया था। जेल नियम वाले कानून में बदलाव होने से आनंद मोहन को लाभ मिला और वे रिहा हो गए। आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ दिवंगत डीएम की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आज को सुनवाई होगी।

    16 साल बाद जेल से आए हैं बाहर

    आनंद मोहन 16 साल तक कारावास की सजा काटने के बाद जेल से बाहर आए हैं। बिहार की पूर्व महागठबंधन सरकार की ओर से जेल मैनुअल में किए गए बदलाव का लाभ उठाकर आनंद मोहन सहित कई कैदियों को रिहाई मिली थी। इस सरकारी फैसले का विरोध करते हुए दिवंगत डीएम की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होनी है।

    इस मामले की सुनवाई 27 फरवरी को ही होनी थी, लेकिन उस दिन किसी कारण नहीं हो सकी। दिवंगत जिलाधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। 6 फरवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने आनंद मोहन को अपना पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में थाने पर हाजिरी देने का आदेश दिया था। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी जवाब तलब किया है। अब इस मामले में सुनवाई होनी है।

    1994 में हुई थी डीएम जी कृष्णैया की हत्या

    बता दें कि 1994 में बिहार के गोपालगंज जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड मामले में आनंद मोहन को दोषी ठहराया गया था। उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। बाद में पटना हाई कोर्ट ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया था। आनंद मोहन ने लगभग 16 वर्ष तक जेल में रहे। उसके बाद बिहार सरकार द्वारा कानून में संशोधन कर जेल नियमों में परिवर्तन किए जाने के बाद आनंद मोहन की रिहाई संभव हो सकी।

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    News Desk

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