Report by : eradioIndia.com
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पर्चे के बगैर दुकानों से बिक रही दवाएं, एक मेडिकल स्टोर सील

भोपाल। डॉक्टर के परामर्श और पर्चे पर ही बेची जा सकने वाली दवाएं राजधानी की मेडिकल स्टोर पर बिना किसी पर्चे के ही आसानी से मिल रही हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा है जिसका प्रचलन स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों व युवाओं में बढ़ता जा रहा है। इन दवाओं का इस्तेमाल अपराधिक गतिविधियों में भी होना सामने आया है। इंटेलीजेंस की इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर तरुण पिथोड़े के निर्देश पर रविवार को जिले में सघन जांच अभियान चलाया गया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने रविवार को 10 से 15 दुकानों पर ग्राहक बनकर केवल पर्चे पर मिलने वाली दवाओं की मांग की जो केमिस्ट ने उन्हें थमा दी। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ प्रशासनिक टीम ने प्रकरण बनाकर दवाओं का स्टॉक जब्त कर लिया। कलेक्टर के निर्देश पर एक दुकान को सील कर दिया गया है और आठ दुकानों के सैंपल लेकर प्रकरण बनाए हैं।

 

छिपाकर रखा था स्टॉक
कोलार क्षेत्र में चार मेडिकल स्टोर, इंद्रपुरी में दो मेडिकल स्टोर सहित कटारा और होशंगाबाद रोड की दवा दुकानों पर छापा मारा गया। कोलार के दिलीप मेडिकल स्टोर पर नशे के रूप में उपयोग होने वाली दवाइयों को छुपा कर रखा गया था। इसका रिकॉर्ड भी नहीं था। ड्रग इंस्पेक्टर रजनीश चौधरी ने कार्रवाई कर दिलीप मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।

 

गुजरात के युवक से 37 लाख बरामद, हवाला की आशंका
भोपाल। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुजरात के युवक के पास से 37 लाख 11 हजार रुपए बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक रकम के स्रोत के बारे में जानकारी नहीं दे सका। ऐसे में रकम जब्त कर इसकी सूचना इंकम टैक्स विभाग को दी गई है। पुलिस ने हवाला की आशंका के चलते युवक को हिरासत में लिया था। एएसपी क्राइम ब्रांच निश्चल एन झारिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि अल्पना तिराहा के पास एक युवक बैग लेकर खड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक के बैग की तलाशी तो उसमें से 37 लाख 11 हजार रुपए मिले। युवक ने अपना नाम मेहसाना, गुजरात निवासी दीपक सिंह चावड़ा (23) बताया। वह यहां माचना कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। दीपक ने बताया कि वह गुजरात की कंपनी के लिए काम करता है, लेकिन उसने कंपनी का नाम सही तरीके से नहीं बताया। आशंका होने पर पुलिस ने उसकी रकम जब्त कर ली है।

 

5 फीसदी कमीशन पर हवाला का धंधा
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की मानें तो इन दिनों पांच फीसदी कमीशन पर हवाला का धंधा चल रहा है। रैकेटियर इस शहर से उस शहर तक डिलेवरी पहुंचा रहे हैं। इसके लिए हवाला का धंधा करने वाले युवाओं को नौकरी पर रख रहे हैं। युवाओं को रकम के बारे में जानकारी नहीं होती है। कमीशन अच्छा मिलने से वहये काम करने लगते हैं।

 

 

 

 

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