
- कबाड़ी बाजार में शुरू हुआ ‘शिमजा क्रिकजोन टर्फ’
- स्पोर्ट्स जोन में बदला गया मेरठ का रेड लाइट एरिया
मेरठ। का कबाड़ी बाजार क्षेत्र अपनी एक खास नकारात्मक पहचान और खामोशी के लिए जाना जाता था। शाम ढलते ही जहां सन्नाटा और असुरक्षा का माहौल कायम हो जाता था, आज उसी जगह पर युवाओं के बल्ले की ठक-ठक और चौके-छक्कों का शोर गूंज रहा है। रविवार को इस क्षेत्र में ‘शिमजा क्रिकजोन टर्फ’ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो केवल एक खेल परिसर का उद्घाटन नहीं बल्कि मेरठ की एक पुरानी छवि को बदलने की दिशा में एक साहसिक कदम है।
इस सकारात्मक बदलाव के सूत्रधार युवा उद्यमी जुनैद जमील अहमद हैं। उन्होंने एक ऐसी जगह पर निवेश करने की हिम्मत दिखाई, जहां आम तौर पर लोग आने से भी कतराते थे। जुनैद का कहना है, “हम इस जगह को बदनाम गली से खेल की गली में बदलना चाहते हैं। हमारा मकसद खेल को हर गली तक पहुंचाना और इस क्षेत्र को नई पहचान देना है, ताकि लोग कह सकें—चलो कबाड़ी बाजार, क्रिकेट खेलने।”
स्थानीय युवाओं को बड़ी राहत
उद्घाटन समारोह में शहर के गणमान्य लोगों, खेल प्रेमियों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। अतिथियों ने स्वयं बल्ला थामकर टर्फ का आनंद लिया और इसे मेरठ के बदलते चेहरे का प्रतीक बताया। स्थानीय युवाओं ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें अभ्यास के लिए शहर से दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब शहर के बीचों-बीच सुविधा मिलने से उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
अंधेरे से उजाले की ओर कदम
एक समय था जब कबाड़ी बाजार की इस सड़क से महिलाएं और स्कूली छात्राएं गुजरने से बचती थीं और शाम होते ही व्यापारी दुकानें बंद कर देते थे। असामाजिक तत्वों के जमावड़े के कारण पूरा इलाका असुरक्षित माना जाता था। लेकिन अब इस खेल परिसर के शुरू होने से न केवल युवाओं को नया मंच मिलेगा, बल्कि परिवार और खेल प्रेमी भी यहां बेझिझक आ सकेंगे। यह पहल साबित करती है कि कोई भी जगह बुरी नहीं होती, सोच बदलने से रेड लाइट एरिया भी स्पोर्ट्स जोन में तब्दील हो सकता है।
