भाेपाल. दिसंबर महीने में प्रदेश में सबसे ज्यादा नवजात बच्चाें की माैत भाेपाल में हुई है। हमीदिया अाैर जेपी अस्पताल में अकेले दिसंबर महीने में 79 बच्चाें की माैत इलाज के दाैरान हुई है। दोनों अस्पतालों में 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2019 के बीच नवजात बच्चाें का यह आंकड़ा 952 है। यह खुलासा सिक न्यू बाेर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती नवजात बच्चाें की माैत के अांकड़ाें की पड़ताल में हुअा है। एनएचएम अफसराें ने बताया कि हमीदिया अाैर जेपी अस्पताल के एसएनसीयू में दिसंबर 2019 में कुल 440 नवजात इलाज के लिए भर्ती हुए थे। इनमें से 79 की इलाज के दाैरान माैत हाे गई। अफसराें के मुताबिक भाेपाल में बच्चाें की माैत का सबसे प्रमुख कारण रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्राेम है। इस बीमारी के कारण 32 बच्चाें की माैत हुई है।
जबकि नवजात की माैत के दूसरे प्रमुख कारण सेप्सिस, बर्थ एफेक्सिया, हाइपाेथर्मिया, जन्म के समय बच्चे का वजन कम हाेना है। हमीदिया अस्पताल के शिशु राेग विभाग की प्राेफेसर डाॅ.ज्याेत्सना श्रीवास्तव ने बताया कि डिपार्टमेंट में अधिकांश बच्चे गंभीर हालत में भर्ती हाेते हैं, जिनमें करीब 40 फीसदी नवजात, वह हाेते हैं, जाे किसी दूसरे अस्पताल से प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद रैफर हाेते हैं। उन्हाेंने बताया कि बीते एक साल में एसएनसीयू में भर्ती हुए 800 से ज्यादा नवजाताें की विभिन्न बीमारियाें के कारण इलाज के दाैरान मृत्यु हुई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

