Report by : eradioIndia.com
Published at :
विज्ञापन
विज्ञापन
मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि भले ही किसी के पास बंदूक रखने का लाइसेंस हो तो भी वह निर्धारित मात्रा से अधिक हथियार और कारतूस अपने पास नहीं रख सकता। ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी को लगातार चौथी बार भी जमानत देने से इनकार कर दिया।

जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की एकलपीठ ने कहा कि प्राथमिक जांच में जो साक्ष्य मिले हैं उससे साबित हो रहा है कि आरोपी मुकेश शर्मा के पास बिना वैधानिक लाइसेंस के भारी मात्रा में असला मिला है। ट्रायल जारी है और आरोपी के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं, ऐसी स्थिति में जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

एसटीएफ भोपाल ने आरोपी मुकेश के पास से 315 बोर पिस्टल के 350 कारतूस और 32 बोर पिस्टल के 50 कारतूस बरामद किए थे।

एसटीएफ ने आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर 23 नवंबर 2018 को आरोपी को गिरफ्तार किया था।

एसटीएफ ने प्रारंभिक जांच में पाया कि आरोपी अवैध रूप से हथियार एवं कारतूस की खरीद-फरोख्त का काम करता है। इससे पहले हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2 अप्रैल और 27 अगस्त 2019 को आरोपी की जमानत अर्जियां खारिज कर दी थीं। मुकेश ने चौथी बार जमानत आवेदन पेश कर कहा कि उसके पास 12 बोर गन और 315 बोर रायफल रखने का लायसेंस है।

Send Your News to +919458002343 email to eradioindia@gmail.com for news publication to eradioindia.com
Follow E RADIO INDIA on WhatsAppJoin ›