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  • महाराष्ट्र में भाजपा की यह चाल विपक्ष को करेगी परेशान

    Bhajpa

    भाजपा ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 99 उम्मीदवारों का नाम घोषित किए गए हैं। इसमें बल्लारपुर से सुधीर मुनगंटीवार, कंकावली से नितेश नारायण राणे, भोकर से श्रीजया अशोक चव्हाण को उतारा गया है। नाला सोपारा से राजन नाईक, घाटकोपर पश्चिम से राम कदम, बांद्रा पश्चिम से आशीष शेलार, मालाबार हिल से मंगल प्रभात लोढ़ा, कोलाबा से राहुल नार्वेकर, भोसरी से महेश लांडगे, कोथरूड से चंद्रकांत पाटिल और सांगली से सुधीर गाडगिल को प्रत्याशी बनाया गया है।

    भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने सीटों के समझौते में सहयोगी दलों के साथ सीटों पर जिताऊ चेहरों को टिकट देने की कैटेगरी बनाई है। जिस इलाके की जिस सीट पर जो सहयोगी दल ज्यादा प्रभावी था, उस इलाके में सबसे ज्यादा सीटें उसी पार्टी को दी गईं हैं। इस मामले में भाजपा ने अपने हिस्से में मुंबई रीजन सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों की सीटें रखी हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को उनके गृह क्षेत्र सतारा और ठाणे में अहमियत दी गई है। कोंकड़ क्षेत्र में भाजपा नेता नारायण राणे गुट से जुड़े लोगों को प्रमुखता दी गई है।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा टकराव मराठवाड़ा क्षेत्र को लेकर रहा। भाजपा स्वयं को मराठवाड़ा क्षेत्र में मजबूत करना चाहती है, उसके कुछ नेताओं ने भी इस क्षेत्र को लेकर भरोसा जताया था। जबकि स्वयं मराठा एकनाथ शिंदे इस क्षेत्र में अपना कब्जा बरकरार रखना चाहते थे। अजित पवार भी इस क्षेत्र से अपने राजनीतिक के जुड़ाव के कारण पकड़ बरकरार रखना चाहते थे।

    भाजपा के हिस्से में 150 से अधिक सीटों पर सहमति बन चुकी है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 60 सीटें दी जा चुकी हैं। अजित पवार गुट को भी 40 सीटों पर अंतिम सहमति मिल गई है। राज्य की लगभग 38 से 40 सीटें ऐसी हैं जिस पर सहयोगी दल दावा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में इस पर अंतिम सहमति बनाकर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी।

    जीत प्रतिशत बढ़ाने पर जोर

    महाराष्ट्र भाजपा के एक नेता ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने पिछले चुनाव में भी शिवसेना के साथ लड़कर सबसे ज्यादा सीटें हासिल की थीं। इस बार भी पार्टी लगभग 160 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। नेता के अनुसार, महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन की महायुति सरकार बने, इसके लिए यह आवश्यक था कि भाजपा गठबंधन सबसे ज्यादा सीटों पर लड़े और बेहतर जीत प्रतिशत के साथ अधिकतम सीटें जीते। नेता के अनुसार, इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए भाजपा के हिस्से में सबसे ज्यादा सीटें आई हैं।

    नेता के अनुसार, लोकसभा चुनावों का अनुभव ध्यान में रखते हुए गठबंधन सभी क्षेत्रों में पूरी मजबूती से काम करेगा। उम्मीदवार किसी भी पार्टी का हो, हर दल के कार्यकर्ताओं की पूरी ताकत उसको जुटाने के लिए लगेगी। इसकी व्यवस्था की गई है। भाजपा को भरोसा है कि इस कठिन मुकाबले में भी वह जीत हासिल कर सकती है।

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    News Desk

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