ब्यूरो रिपोर्ट, ई-रेडियो इंडिया
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के सुभारती कॉलेज ऑफ़ एलाइड एंड हेल्थ केयर द्वारा बैचलर ऑफ़ साइंस इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी) के तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए एक ज्ञानवर्धक औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया।
इस शैक्षणिक यात्रा के अंतर्गत 18 छात्रों एवं तीन स्टाफ सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस साइंस एंड रिसर्च (आईईएसआर) पहुँचा। प्रोफेसर (डॉ.) उमेश कुमार के समन्वय तथा सहायक प्रोफेसर सुश्री उर्वशी त्यागी के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और अनुसंधान पद्धतियों से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान छात्रों ने अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का गहन अवलोकन किया, जहाँ उन्हें डॉ. अमित कुमार चतुर्वेदी एवं आईईएसआर की तकनीकी टीम द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर डीएनए पृथक्करण, पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) तथा नेक्स्ट-जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) जैसी उन्नत आणविक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
इन तकनीकों ने छात्रों को यह समझने का अवसर दिया कि किस प्रकार पारंपरिक निदान प्रणाली अब तेज, स्वचालित एवं अधिक सटीक प्रणालियों में परिवर्तित हो रही है, जो व्यक्तिगत चिकित्सा एवं रोगों की पहचान में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही हैं।
इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को प्रयोगशाला सुरक्षा एवं बायोसुरक्षा मानकों की महत्ता से भी अवगत कराया गया। उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उपयोग, कीटाणुशोधन तकनीकों तथा अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अवलोकन किया। साथ ही, जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नैनो प्रौद्योगिकी की उभरती भूमिका, विशेषकर दवा वितरण प्रणाली एवं उच्च संवेदनशीलता वाले परीक्षणों में इसके अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का समापन एक प्रभावशाली कैरियर मार्गदर्शन सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों को जीनोमिक्स, बायोइनफॉर्मेटिक्स एवं फार्मास्यूटिकल उद्योग में उपलब्ध विविध करियर विकल्पों की जानकारी दी गई। इस अनुभव ने छात्रों को न केवल आधुनिक उपकरणों और शोध वातावरण से परिचित कराया, बल्कि उन्हें वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं और जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी भावी भूमिका के प्रति भी स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान किया।
इस अवसर पर सुभारती कॉलेज ऑफ़ अलाइड एंड हेल्थ केयर के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) पंकज किशोर मिश्रा ने कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य परिदृश्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ तकनीकी दक्षता का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आईईएसआर, ग्रेटर नोएडा का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त सेतु सिद्ध हुआ है, जिसने कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों को व्यावहारिक कौशल में परिवर्तित करने का कार्य किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अनुभव छात्रों को न केवल डिग्रीधारी, बल्कि उद्योग के लिए पूर्णतः तैयार पेशेवर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।








