
Rajju Bhaiya University Prayagraj में “एक युद्ध, नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत नशा मुक्त भारत अभियान पखवाड़े के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित इस व्याख्यान कार्यक्रम में नारकोटिक्स, आबकारी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें। वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और नशे जैसी बुराई से मुक्ति के बिना मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
Rajju Bhaiya University Prayagraj में अधिकारियों ने नशे के दुष्प्रभावों पर किया विस्तृत मार्गदर्शन
प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में नारकोटिक्स गोरखपुर जोन के अधीक्षक राहुल कुमार पुर्वे, सहायक आबकारी आयुक्त प्रयागराज नीरज द्विवेदी, सहायक पुलिस आयुक्त प्रयागराज कमिश्नरेट अब्दुस सलाम खान तथा आबकारी निरीक्षक उपेंद्र शुक्ला ने छात्रों को संबोधित किया।
अधिकारियों ने अपने व्याख्यान में बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और देश की प्रगति पर भी गंभीर असर डालता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की लत युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को कमजोर कर देती है। इसलिए युवाओं को इस खतरे को समझते हुए सजग रहने की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने छात्रों को नशे के प्रति जागरूक रहने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और इस अभियान का सक्रिय हिस्सा बने।
Rajju Bhaiya University Prayagraj में शिक्षकों ने युवाओं को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रो. आशुतोष कुमार सिंह तथा कला संकाय के अधिष्ठाता एवं राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. विवेक कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि सामाजिक प्रदूषण का रूप ले चुका है। इसे रोकने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, अनुशासित जीवन और अच्छे मित्रों का चयन करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ प्राध्यापकों ने कहा कि दृढ़ संकल्प, नैतिक मूल्यों और अच्छी संगति के माध्यम से युवा नशे जैसी बुराई से स्वयं को दूर रख सकते हैं। उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने और जीवन में शिक्षा, संस्कार तथा आत्मविश्वास को सबसे बड़ी शक्ति बनाने की सलाह दी।
Rajju Bhaiya University Prayagraj के कार्यक्रम में छात्रों ने पूछे सवाल
व्याख्यान के बाद छात्रों के लिए विशेष प्रश्नकाल का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने नशे की रोकथाम, कानून, जागरूकता अभियान और युवाओं की भूमिका से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने सभी सवालों के विस्तृत उत्तर देते हुए छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्या द्विवेदी ने किया, जबकि अतिथियों का परिचय डॉ. उत्कर्ष उपाध्याय और डॉ. अक्षय भट्ट ने कराया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अतुल कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। सभी ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। यदि युवा वर्ग जागरूक होकर इस दिशा में आगे बढ़े तो एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।









