
मेरठ। आवास विकास परिषद द्वारा शास्त्रीनगर में की जा रही कार्रवाई के विरोध में बुधवार को संयुक्त आंदोलन समिति द्वारा किए गए बंद का शहर में मिला-जुला असर रहा। इस दौरान जहां आवास विकास परिषद की सीमा के अंतर्गत आने वाले तमाम मार्केट पूरी तरह बंद रहे। वहीं, शहर के कुछ इलाकों में भी व्यापारियों ने दुकान बंद करते हुए बंद को अपना समर्थन दिया। शास्त्रीनगर में गुरुद्वारा रोड पर व्यापारियों, स्कूल संचालकों, किसान संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए अपने आशियाने और व्यापार उजाड़े जाने का विरोध जताया। संयुक्त आंदोलन समिति से जुड़े नेताओं ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, हंगामे की आशंका के चलते आवास विकास परिषद कार्यालय के बाहर भारी मात्रा में फोर्स तैनात रही। इसी के साथ सेंट्रल मार्केट के सभी रास्तों की सीमाओं को सील करते हुए काफी लोगों को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर जाने से रोका।
बताते चलें कि बंद को मेरठ बार एसोसिएशन, आईएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन ने पूरी तरह समर्थन दिया था। जबकि व्यापार संघ के दोनों धड़ों सहित कई स्थानीय व्यापार संघों ने बंद से अपने हाथ खींच लिए थे। इसके बावजूद सुबह से ही शास्त्रीनगर में गुरुद्वारा रोड पर स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों, स्कूल संचालकों, किसान संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी रही। जिनमे भारी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। बंद का आवाह्न करने वाले जगदंबा नर्सिंग होम के संचालक रविंद्र गुर्जर ने अशोक गर्ग नर्सिंग होम के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉली पर खड़े होकर माइक से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा मेरठ बंद को रोकने की पूरी कोशिश की गई। लेकिन, इसके बावजूद आवास विकास की नीतियों के खिलाफ जनता ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया है कि अपने व्यापार और मकान बचाने के लिए हर व्यक्ति सड़क पर उतरने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक आवास विकास परिषद या प्रशासनिक अधिकारी उन्हें लिखित में यह आश्वासन नहीं देंगे कि उनके व्यापार और मकानों पर कोई आंच नहीं आएगी। तब तक आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। इस दौरान पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूनी सहित अन्य कई नेता भी बंद को समर्थन देने के लिए पहुंचे। हालांकि प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सेंट्रल मार्केट के आसपास भारी मात्रा में पुलिस तैनात करते हुए सीमाओं को सील किया गया था। मगर, इसके बावजूद बारिश के बीच भी धरना स्थल पर हजारों की भीड़ मौजूद रही। हंगामे की आशंका के चलते आवास विकास के कार्यालय के बाहर कई थानों की फोर्स तैनात रही।







