
मैनपावर बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश बॉयज हॉस्टल में फायर एग्जिट न होने पर भी जताई चिंता
सरधना क्षेत्र सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर बुधवार को खेल मंत्री गिरीश चंद यादव ने कड़ा रुख अपनाया। मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों से परियोजना की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में काम की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभिन्न निर्माणाधीन भवनों और परियोजना से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों से अब तक पूरा किए गए कार्यों तथा शेष निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों को पर्याप्त मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य को तेज किया जाए, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जा सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने के साथ ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश की महत्वपूर्ण खेल परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्धता के साथ निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। बॉयज हॉस्टल में फायर एग्जिट पर जताई नाराजगी निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बॉयज हॉस्टल की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। हॉस्टल में फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं होने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षण एवं खेल संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भवन निर्माण के दौरान अग्निशमन सहित सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से फायर सेफ्टी से संबंधित कमियों को जल्द दूर करने और भविष्य में ऐसी खामियां सामने न आने देने को कहा। निर्धारित समय में काम पूरा करने पर जोर
खेल मंत्री ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने काम की नियमित समीक्षा करने और प्रगति में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने पर जोर दिया। मंत्री के सख्त तेवर के बाद खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जगी है। अब अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के सामने परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की चुनौती है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों को भी उम्मीद है कि मंत्री के निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और यह महत्वपूर्ण खेल परियोजना जल्द अपने निर्धारित स्वरूप में दिखाई देगी।







