Report by : News Desk
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तालाब का पानी बना किसानों के लिए मुसीबत, सवा सौ बीघा गन्ने की फसल जलमग्न
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तालाब का पानी बना किसानों के लिए मुसीबत, सवा सौ बीघा गन्ने की फसल जलमग्न

नाला बंद होने से खेतों में भरा पानी, किसानों ने एसडीएम से लगाई गुहार; बोले-जल्द निकासी नहीं हुई तो बर्बाद हो जाएगी फसल

सरधना क्षेत्र के ग्राम कपसाढ़ में तालाब के पानी की निकासी बाधित होने से किसानों की करीब सवा सौ बीघा गन्ने की खड़ी फसल जलभराव की चपेट में आ गई है। खेतों में लगातार पानी भरा होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो मेहनत और लागत से तैयार की गई गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। गांव के किसानों ने समस्या को लेकर एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर को शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने बताया कि गांव के अधिकांश परिवार खेती पर निर्भर हैं और गन्ना उनकी प्रमुख फसल है। वर्तमान में खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जलभराव के कारण प्रभावित हो रही है। अतिक्रमण के कारण बंद हुआ नाला किसानों के अनुसार गांव में बाबा बैरागीनाथ वाला तालाब स्थित है। तालाब का पानी खेतों की ओर पहुंच रहा है। तालाब से पानी की निकासी के लिए पूर्व में नाला बनाया गया था, लेकिन किसानों का आरोप है कि नाले पर अतिक्रमण होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। निकासी का रास्ता बंद होने से तालाब का पानी आसपास के खेतों में जमा हो रहा है। किसानों ने बताया कि लगातार जलभराव रहने से गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खेतों में पानी अधिक समय तक जमा रहा तो फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और निकासी की मांग किसानों ने एसडीएम से मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही तालाब और नाले की स्थिति की जांच कर जल निकासी का रास्ता खुलवाने तथा खेतों से तत्काल पानी निकलवाने की व्यवस्था कराने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी फसल में काफी मेहनत और पैसा लगाया है। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। शिकायती पत्र देने वालों में जोगिंदर संजय, राजरानी, सतपाल, जयवीर सिंह, छोटन, राजपाल, राजसिंह, शीशपाल, बबलू, धर्मसिंह, मुकेश, सुबे सिंह, जयबीर, डा. सुबे, चमन, विनीत, मनोज सिंह और संजीव सहित अन्य किसान शामिल रहे।

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