
सरधना। थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई को बल मिला है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पुलिस ने बरामदगी के आधार पर भी वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, ग्राम छुर निवासी अंकित पुत्र सत्येंद्र ने चार सितंबर को थाना सरधना पहुंचकर लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि गांव छुर निवासी अंकित पुत्र नरेंद्र उसके घर पर पहुंचा और उसके साथ गाली-गलौज करने लगा। जब वादी ने गाली देने का विरोध किया तो आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायर किए और उसे जान से मारने की धमकी दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर टीम गठित की गई। पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में छह सितंबर को पुलिस को आरोपी के गोटका जाने वाले रास्ते पर मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और करीब 2:20 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की तलाशी के दौरान गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बताई जा रही एक .32 बोर की पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित पुत्र नरेंद्र निवासी ग्राम छुर, थाना सरधना, मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना सरधना में मुकदमा अपराध संख्या 626/26, धारा 109(1), 352, 351(3) बीएनएस तथा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हथियारों के साथ अपराध में शामिल आरोपियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस टीम की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसे महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजय चौहान, हेड कांस्टेबल 1597 विजय कुमार, हेड कांस्टेबल 646 अरविंद कुमार, कांस्टेबल 921 अंकुर कुमार और कांस्टेबल 3124 गौरव कुमार शामिल रहे।







