
शटलर-वेटलिफ्टर एयरपोर्ट पर करते रहे इंतजार
एशियाई खेलों के शुरू होने से पहले ही जापान में भारतीय खिलाड़ियों की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। आयोजकों की खामी के चलते रोइंग, शूटिंग के बाद बैडमिंटन और वेटलिफ्टिंग टीम को नागोया में कई घंटे एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।
नागोया में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की ओर से बुक कराए गए कमरों की संख्या पहले से ही कम कर दी गई है। 20 और 21 सितंबर को सभी भारतीय खिलाड़ी नागोया पहुंच रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए कमरों की देखते हुए भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने एजेंट के जरिये बृहस्पतिवार को होटल में 15 अतिरिक्त कमरे बुक कराए हैं। आयोजकों ने भारतीय खिलाड़ियों के तकरीबन 40 कमरे कम बुक किए हैं।
सहदेव यादव का कहना है कि अभी खिलाड़ियों के ठहरने को लेकर कोई दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन 20 और 21 सितंबर को जब पूरा भारतीय दल यहां पहुंचेगा तो सभी के रुकने के लिए कमरे नहीं हैं। कोई परेशानी न हो इसलिए नागोया से एक घंटे की दूरी पर 15 अतिरिक्त कमरे बुक कराए गए हैं। जिन खिलाड़ियों को यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं होगी। उन्हें इस होटल में ठहराया जाएगा।
भारतीय खिलाड़ियों को ट्रांसपोर्ट के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा रहा है। भारतीय शूटिंग टीम को ट्रांसपोर्ट नहीं मिलने से उनकी ट्रेनिंग बाधित हुई है। बैडमिंटन टीम बुधवार की रात तकरीबन छह घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसी रही। यही नहीं कोच विजय शर्मा के साथ बृहस्पतिवार को नागोया पहुंची मीराबाई चानू को भी एयरपोर्ट पर कई घंटे बैठे रहना पड़ा। बुधवार को रोइंग टीम को क्रूज शिप में ठहरने के लिए नौ से 10 घंटे इंतजार करना पड़ा था। रोइंग टीम ने अपने पास से खाना खाया। हालांकि आईओए ने रोइंग दल से कहा है कि उनके खाने के पैसे का भुगतान कर दिया जाएगा।
आईओए ने चार चोटिल खिलाड़ियों के बदलाव के लिए आयोजकों से प्रार्थना की है। चोटिल लॉन्ग जंपर शाहनवाज खान की जगह डेविड सोलोमन, क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती की जगह विप्रज निगम, तलवारबाज प्राची मोहन की जगह अनुप्रिया और रग्बी खिलाड़ी प्रभाती हंसदा की जगह मामा नायक को बदलने के लिए कहा गया है। इन बदलाव के लिए आयोजकों की हरी झंडी का इंतजार है।












