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विनीत शारदा बोले, अपनी संस्कृति व परंपराओं को अपनाएं और आगे बढ़ाएं विनीत शारदा बोले, अपनी संस्कृति व परंपराओं को अपनाएं और आगे बढ़ाएं
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कांवड़ शिविरों का निरीक्षण कर किया श्रद्धालुओं का स्वागत, सेवा कार्य को बताया सनातन की पहचान

मेरठ। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के बीच भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने मंगलवार को कांवड़ यात्रियों के लिए लगे विभिन्न शिविरों का दौरा किया। उन्होंने शिविरों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं कांवड़ियों को दवाइयां वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया।

स्वास्थ्य सेवा शिविर में भागीदारी, वैश्य समाज समिति की सराहना

श्री शारदा ने सबसे पहले काली पलटन मंदिर के पास स्थापित जय प्रकाश अग्रवाल एवं संजीव गुप्ता (बिल्डर) द्वारा लगाए गए कांवड़ शिविरों का अवलोकन किया। इसके बाद वे वैश्य समाज सेवा समिति पल्लवपुरम द्वारा आयोजित चिकित्सक शिविर पहुंचे, जहां पूर्व मंदिर अध्यक्ष डॉ. महेश बंसल की उपस्थिति में कांवड़ यात्रियों को आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया।

उन्होंने कहा कि “इस सेवा का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के अपनी आस्था की यात्रा पूर्ण कर सकें।”

सनातन धर्म की पहचान: तिलक, सेवा और समर्पण

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए विनीत शारदा ने भारतीय संस्कृति की गरिमा और सनातन परंपराओं पर जोर देते हुए कहा, “हर सनातनी को अपने माथे पर गर्व से तिलक लगाना चाहिए। जब अन्य धर्मों की पहचान टोपी या अन्य प्रतीकों से होती है, तो हिंदू धर्म का प्रतीक तिलक ही होना चाहिए।” उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि संकोच छोड़कर अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं को अपनाएं, क्योंकि यही हमारी पहचान और शक्ति है।

सेवा कार्यों को बताया अनुकरणीय पहल

विनीत शारदा ने सभी शिविर आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से समाज में धार्मिक भावना, सामाजिक सहयोग और आत्मीयता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि, “कांवड़ यात्रा के दौरान शिविर लगाना सिर्फ सेवा नहीं, यह सनातन संस्कृति के लिए समर्पण का प्रतीक है।”

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