दरी’ बयान पर सियासी संग्राम: Akhilesh Yadav की टिप्पणी से भड़के Brajesh Pathak, तीखा पलटवार

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लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ‘दरी’ वाले बयान को लेकर Brajesh Pathak और Akhilesh Yadav के बीच जुबानी जंग अब और तीखी हो गई है।

दरअसल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक इंटरव्यू के दौरान ‘दरी बिछाने’ को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि हार की हताशा भाषा को बिगाड़ देती है और यह बयान उसी अनुभव को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि जो पहले कहीं और ‘दरी बिछाते’ थे, अब वह उस स्थिति में भी नहीं हैं और उन्हें ही “दरी” बना दिया गया, जिस पर चलकर लोग आगे बढ़ गए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे बयानों पर क्रोध नहीं बल्कि सहानुभूति रखते हैं।

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए कहा कि बिना जमीनी संघर्ष के वंशानुगत राजनीति से आने वाले लोग आम परिवार से निकलकर पहचान बनाने की कठिनाइयों को नहीं समझ सकते। उन्होंने ‘दरी बिछाने’ को संघर्ष और अनुशासन का प्रतीक बताते हुए इसे अपरिपक्व राजनीतिक समझ करार दिया।

ब्रजेश पाठक ने सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में कानून व्यवस्था कमजोर रही और भ्रष्टाचार चरम पर था।

इसके साथ ही उन्होंने सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए और भाजपा सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए कार्य कर रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति को और गरमा सकती है, खासकर चुनावी माहौल में।