Report by : News Desk
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‘अनामिका’ की राह पर शिक्षिका, दो जगह कर रही नौकरी
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 मेरठ। ब्रिटेन में कोरोना की तीसरी लहर के साथ ही भारत में भी सरकारें अलर्ट हैं। विज्ञानियों ने तीसरी लहर का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर पडऩे का अंदेशा जताया है, ऐसे में बच्चों के लिए कोविड बेड बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है। मेडिकल कालेज में पीडियाट्रिक आइसीयू के 50 बेड बनाए जाएंगे, जबकि जिला अस्पताल में 40 बेड का हाई डिपेंडेंसी वार्ड बनाया जा रहा है। बच्चों के लिए जिले में कुल 280 कोविड बेड होंगे। उधर, निजी 24 कोविड अस्पतालों में भी पांच से दस बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो हाई डिपेंडेंसी यूनिट युक्त बेड, जबकि 70 आक्सीजन बेड बनाए जा रहे हैं। जिला महिला चिकित्सालय यानी डफरिन अस्पताल में बच्चों के लिए दस आइसीयू बेड का अलग वार्ड बन रहा है। अन्य सात सामुदायिक और 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बेड का तत्काल बंदोबस्त होगा। मेडिकल कालेज में सौ बेड की अनुमति मिली है, जहां 50 आइसीयू बेड होंगे। विभागाध्यक्ष डा. विजय जायसवाल ने बताया कि बच्चों के लिए छोटे आकार के वेंटिलेटर, मास्क व कैनुला का प्रयोग होता है। करीब 15 करोड़ की लागत से बच्चों का कोविड वार्ड तैयार किया जा रहा है

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