बिहार राज्यसभा चुनाव: 16 मार्च को वोटिंग, 5वीं सीट पर NDA vs महागठबंधन में सीधी टक्कर
सब-हेडलाइन: तेजस्वी यादव के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज, चिराग और गिरिराज के बयानों से सियासत गरमाई
पटना, बिहार: बिहार में राज्यसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आगामी 16 मार्च को वोटिंग होनी है, और इस बार सबसे ज्यादा नजर 5वीं सीट पर टिकी है, जहां एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
संख्याबल के आधार पर 4 सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है—2 सीटें बीजेपी और 2 सीटें जेडीयू के खाते में जाती दिख रही हैं। लेकिन पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प और कड़ा हो गया है।
तेजस्वी यादव के चुनाव लड़ने की चर्चा से बढ़ी हलचल
बिहार की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या तेजस्वी यादव खुद राज्यसभा चुनाव मैदान में उतरेंगे? हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं।
राजद ने संख्याबल कम होने के बावजूद चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह निर्णय लालू प्रसाद यादव के आवास पर हुई पार्टी की अहम बैठक में लिया गया। पार्टी की कोशिश है कि एनडीए को 5वीं सीट पर वॉकओवर न मिले।
चिराग पासवान ने दी खुली चुनौती
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने संख्याबल का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती दी है। उनका कहना है कि एनडीए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
गिरिराज सिंह का तीखा हमला, राहुल और तेजस्वी दोनों निशाने पर
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों पर जोरदार हमला बोला।
गिरिराज ने कांग्रेस पर “हिटलरशाही” का आरोप लगाते हुए कहा कि जो राहुल गांधी की लाइन पर नहीं चलता, उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाता है। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव को “परिवारवाद” का प्रतीक बताते हुए तंज कसा और कहा कि वे “प्राइवेट लिमिटेड कंपनी” की तरह पार्टी चला रहे हैं।
5वीं सीट पर किसका होगा कब्जा? समीकरण दिलचस्प
5वीं सीट के लिए गणित बेहद पेचीदा है। एनडीए की जीत इस बात पर निर्भर कर सकती है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM क्या रुख अपनाती है—वोट करती है या दूरी बनाती है।
वहीं महागठबंधन को AIMIM के विधायकों और बसपा के एक विधायक के समर्थन की उम्मीद है। ऐसे में अंतिम फैसला 16 मार्च को ही साफ होगा कि जीत किसके खाते में जाती है।






