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ओशो हिंदी प्रवचन

ययाति की बहुत पुरानी कथा, जीवन बदल देगी जरूर पढ़ें

ययाति की बहुत पुरानी कथा है, जिसमें ययाति सौ वर्ष का हो गया। बहुत मीठी, बहुत मधुर कथा है। तथ्य न भी हो, तो भी सच है। और बहुत बार जो तथ्य नहीं होते, वे भी सत्य होते हैं। और…

चिंतित होना भी ध्यान हो सकता है, बस अपनाएं ये तकनीकि

जब तुम चिंता अनुभव करो, बहुत चिंताग्रस्‍त होओ। तब इस विधि का प्रयोग करो। इसके लिए क्‍या करना होगा? जब साधारणत: तुम्‍हें चिंता घेरती है। तब तुम क्‍या करते हो? सामान्‍यत: क्‍या करते हो? तुम उसका हल ढूंढते हो; तुम…

मन का खेल है मंत्र: ओशो

मंत्र तो मन का ही खेल है। मंत्र शब्द का भी यही अर्थ है: मन का जाल, मन का फैलाव। मंत्र से मुक्त होना है, क्योंकि मन से मुक्त होना है। मन न रहेगा तो मंत्र को सम्हालोगे कहां? और…

गीता दर्शन में ओशो ने क्या कुछ कहा जरूर पढ़ें

पश्चिम का इस समय का एक बहुत कीमती मनोवैज्ञानिक अभी-अभी गुजरा है। उसका नाम था अब्राहम मैसलो। अब्राहम मैसलो के पूरे जीवन की खोज एक छोटे-से शब्द में समा जाती है। और वह शब्द है, पीक एक्सपीरिएंस। वह शब्द है,…

Inner Ecology: The Only Way to Building a Healthy Humanity

SATYA VEDANT We are a wounded civilization. The enormously vast expenditure (currently estimated to be over two billion dollars per day in developed countries), loss of life, wastage and misuse of energy as well as of natural resources has been…

साक्षी और तथाता में भेद बताने की कृपा करें

साक्षी में द्वैत मौजूद है। साक्षी अपने को अलग, और जिसे जान रहा है, उसे अलग मानता है। अगर उसके पैर में कांटा गड़ा है, तो साक्षी कहता है, मुझे नहीं गड़ा, मैं जानने वाला हूं। कांटा शरीर को गड़ा…

प्रभु की पुकार हमें कैसे सुनाई देगी?

प्रभु को पुकारें कैसे, यह तो बहुत लोग पूछते हैं, प्रभु की पुकार कैसे सुनाई दे, यह कभी-कभी कोई पूछता है। इसलिए प्रश्न महत्वपूर्ण है, विरल है, थोड़ा बेजोड़ है। और सत्य के ज्यादा करीब है। असली सवाल प्रभु को…

अष्‍टावक्र महागीता प्रवचन: मृत्यु का बड़ा भय है, क्या इससे छूटने का कोई उपाय है?

ओशो: अष्‍टावक्र महागीता प्रवचन : 88परमात्‍मा अनुमान नहीं, अनुभव है—प्रवचन—तैहरवां🌷💜🌷 चौथा प्रश्न : मृत्यु का बडा भय है। क्या इससे छूटने का कोई उपाय है? मत्यु तो उसी दिन हो गयी जिस दिन तुम जन्मे। अब छूटने का कोई उपाय…

ओशो प्रवचनों से संकलित हिंदी बोध कथा

मैंने सुना है, मुसलमान टेलर था, दर्जी था। वह बीमार पड़ा। करीब—करीब। मरने करीब पहुंच गया था। आखिरी जैसे घड़िया गिनता था, कि रात उसने एक सपना देखा कि वह मर गया और कब्र में दफनाया जा रहा है। बड़ा…

मृत्यु के क्षण में लोग तड़फते क्यों हैं?

तुमने किसी पक्षी को मरते देखा ? ऐसे सरल, ऐसे सहज, चुपचाप विदा हो जाता है! पंख भी नहीं फड़फड़ाता। शोरगुल भी नहीं मचाता। पक्षी तो इतने चुपचाप विदा हो जाते हैं, इतनी सरलता से विदा हो जाते हैं! ज़रा…