ईद-उल-अजहा बलिदान का त्योहार हैः वासिफ हसन वाइजी

सार्वजनिक रूप से कुर्बानी नहीं देने की अपील
लखनऊः टीले वाली मस्जिद के सह-मुतवल्ली, इमाम व ख़तीब मौलाना सैयद शाह वसीफ हसन वाइजी ने एक संदेश में कहा, ईद-उल- अजहा बलिदान का त्योहार है और हमें एक बहुल समाज में एकता और भाईचारे के लिए मिलकर काम करने का मौका देता है।

ईद हमारी खुशियों को बांटने और गरीबों और असहायों की मदद करने का अवसर प्रदान करती है।ईद-उल-अजहा के मौके पर सभी नागरिकों, खासकर लखनऊ के लोगों से अनुरोध है कि वे सार्वजनिक रूप से कुर्बानी न दें।

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सार्वजनिक रूप से बलिदान करने से बिल्कुल बचें ताकि किसी को कश्ट न पहुंचे।मौलाना ने आगे कहा कि हमारी सपोर्ट टीम देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, देश की सांप्रदायिक सद्भाव और गंगा-जामनी सभ्यता की परंपरा को बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है. हमारी टीम का इस पर विशेष ध्यान है. मैं कानून-व्यवस्था की अपील करता हूं.।