पर्यटन पर सबसे अधिक कर, समग्र समीक्षा करे सरकार : संसदीय समिति

नई दिल्ली। भारत के इनबाउंड टूरिज्म के कम रहने के लिए ज्यादा और कई तरह के करों को जिम्मेदार बताते हुए संसदीय समिति ने सरकार से यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में लागू कर व्यवस्था की समग्र रूप से समीक्षा करने की सिफारिश की है ताकि भारत के पर्यटन क्षेत्र का और अधिक विस्तार हो सके।
परिवहन, पर्यटन, और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने भारत के इनबाउंड टूरिज्म के कम उपयोग में रहने का एक प्रमुख कारण उच्च दरों और करों की बहुलता को बताते हुए कहा है कि इसकी वजह से अन्य देशों के पर्यटक पैकेजों की तुलना में भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों के पैकेज की कीमत काफी ज्यादा हो गई है।

वर्ष 2019 में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक आगमन के मामले में भारत के 23वें स्थान पर और पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय के मामले में 12वें स्थान पर होने का जिक्र करते हुए समिति ने कहा कि भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन भारत ने पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पूरी क्षमता का सदुपयोग अभी तक नहीं किया है।

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विदेशी पर्यटकों को विदेशी मुद्रा के आगमन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए समिति ने सरकार से यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में लागू कर व्यवस्था की समग्र रूप से समीक्षा करने की सिफारिश की है ताकि भारत के पर्यटन क्षेत्र का और अधिक विस्तार हो सके और भारत ज्यादा से ज्यादा इसका लाभ उठा सके। समिति ने ऐतिहासिक स्मारकों के लघु चित्रों को विदेशों में पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय बताते हुए मंत्रालय से ऐसे स्मारकों के आसपास इस तरह के लघु चित्रों की बिक्री के लिए वास्तविक आउटलेट स्थापित करने में मदद की पहल करने की भी सिफारिश की है।

समिति ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आर्थिक कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए 3-टी अर्थात व्यापार , पर्यटन और प्रौद्योगिकी के विचार के साथ भारतीय दूतावासों और मिशनों की भूमिका पर्यटन क्षेत्र में बढ़ाने के सुझाव को नोट करते हुए मंत्रालय से सिफारिश की है कि विदेशों में भारतीय मिशनों के नेताओं के रूप में भारतीय राजदूतों को देश में विदेशी पर्यटकों के आगमन को बढ़ाने और विश्व पर्यटक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर, प्रयास करने चाहिए।

समिति ने अतुल्य भारत ब्रांड को और अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने और दुनिया भर में स्थापित करने के लिए सरकार से भारतीय मिशनों और दूतावासों में समर्पित पर्यटन अधिकारियों की नियुक्ति के बारे में भी जानकारी मांगी है।