IAS Shaswat pandit बने गांव की शान, यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 481 हासिल कर बढ़ाया सुल्तानपुर का मान
- संवाददाता सुल्तानपुर
IAS Shaswat pandit ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 481 प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होकर सुल्तानपुर जनपद सहित पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। अखण्डनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मीरपुर प्रतापपुर (पूर्वा मकरीया ब्राहिमपुर) के इस होनहार युवा की सफलता से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि छोटे गांव से भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।
आईएएस में चयन के बाद जब IAS Shaswat pandit पहली बार अपने घर लौटे तो उन्होंने सबसे पहले वाराणसी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जब वे अपने गांव की ओर बढ़े तो रास्ते भर उनका जोरदार स्वागत किया गया। शाहगंज में आनंद कुमार दुबे, संतोष पांडे, शशिकांत शर्मा, विपिन कुमार राय, अरुण राय और राजू पांडे सहित अनेक लोगों ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक गांव तक लेकर पहुंचे।
IAS Shaswat pandit के गांव लौटने पर हुआ भव्य स्वागत, ग्रामीणों में दिखा उत्साह
गांव पहुंचते ही माहौल उत्सव में बदल गया। सैकड़ों ग्रामीणों और आसपास के गांवों से आए लोगों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। हर व्यक्ति की आंखों में गर्व और चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि IAS Shaswat pandit की सफलता ने पूरे क्षेत्र के युवाओं को यह विश्वास दिलाया है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि शाश्वत पंडित बचपन से ही मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया है और अब यह गांव युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है।
IAS Shaswat pandit की सफलता से युवाओं को मिला बड़ा संदेश
शाश्वत पंडित के सम्मान में आयोजित समारोह में कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम, सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और विधायक सीताराम वर्मा सहित अनेक नेताओं ने उन्हें बधाई दी और उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के प्रबंध निदेशक डॉ. वेद प्रकाश सिंह सहित कई शिक्षाविद और समाजसेवी भी मौजूद रहे। सभी ने कहा कि IAS Shaswat pandit की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत हो तो ग्रामीण परिवेश से भी देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है।
IAS Shaswat pandit ने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार और गुरुजनों को दिया
सम्मान समारोह के दौरान IAS Shaswat pandit ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरुजनों और विशेष रूप से अपनी बुआ सीमा राय की प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सिविल सेवा की तैयारी के लिए निरंतर परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।







