- क्षेत्र की जनता को मिलेगी 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं—विधायक गजेंद्र सिंह यादव
- नई दिल्ली, महरौली
महरौली विधानसभा के PVR कॉम्प्लेक्स के बैंक साइड में आज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बनाए गए “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महरौली विधायक एवं डीडीसी चेयरमैन गजेंद्र सिंह यादव ने की, जबकि उद्घाटन दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह विधूड़ी के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला मजिस्ट्रेट (IAS) लक्ष्य सिंघल, एसडीएम मुकेश कुमार और सीडीएमओ डॉ. रजनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में साकेत की RWA, मार्किट एसोसिएशन और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
उद्घाटन के मौके पर महरौली विधायक एवं डीडीसी चेयरमैन गजेंद्र सिंह यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि महरौली विधानसभा में कुल 15 आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है, जिनमें से पहला केंद्र आज जनता को समर्पित कर दिया गया है। उन्होंने इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐतिहासिक पहल बताया। वहीं सांसद रामवीर सिंह विधूड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि यह केंद्र आयुष्मान भारत योजना की भावना को साकार करता है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और किशोरों सहित सभी वर्गों को एक ही छत के नीचे 12 प्रकार की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित RWA की सदस्य दीपिका मोटवानी ने कहा कि “यह केंद्र वर्षों की हमारी मांग का परिणाम है। इससे स्थानीय लोगों को अब प्राथमिक इलाज के लिए बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।” सुंदर यादव ने भी केंद्र के शुभारंभ को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि “इससे ना केवल बीमारी का समय पर उपचार होगा, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।” पायल गुप्ता ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “यह आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता का प्रमाण है, जिससे आम जनता को निःशुल्क सेवाएं मिलेंगी।” इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में रविन्द्र वर्मा, देवेंद्र सेजवाल, सुनील सनसनवाल, अजित डबास, पवन चौधरी RWA सदस्य और कुलदीप मलिक (डीडीसी प्रतिनिधि) भी उपस्थित रहे और सभी ने इस पहल की प्रशंसा की।

गौरतलब है कि इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कुल 12 प्रकार की प्रमुख सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल (ANC, पोषण सलाह, रेफरल), शिशु और बाल स्वास्थ्य सेवाएं (टीकाकरण, कुपोषण की पहचान व उपचार), किशोर स्वास्थ्य सेवाएं (एनीमिया, पोषण, स्वच्छता), प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन सेवाएं (गर्भनिरोधक साधन, परामर्श, प्रसवोत्तर देखभाल), बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन (स्वच्छता, योग, जागरूकता, स्वास्थ्य शिक्षा), तथा टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है।
इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना न केवल स्थानीय लोगों के लिए सुलभ चिकित्सा सेवा का माध्यम बनेगी, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगा।
